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दुनिया

बुर्के पर प्रतिबंध लगाने के करीब जर्मनी

फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड्स और बुल्गारिया के बाद जर्मनी भी पूरा चेहरा ढंकने वाले बुर्के पर प्रतिबंध लगने जा रहा है. लेकिन जर्मनी में प्रतिबंध सिर्फ सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा.

विधेयक के तहत जर्मनी में सरकारी कर्मचारी, जज और सैनिक काम के दौरान पूरे चेहरे को ढंकने वाला बुर्का नहीं पहन सकेंगे. गुरुवार देर शाम जर्मन संसद के निचले सदन बुंडेसटाग ने विधेयक को मंजूरी दी. जर्मनी में सरकार चलाने वाले गठबंधन ने एक बयान जारी कर कहा, "चेहरे को धार्मिक या विचारधारा के आधार पर ढंकना, सरकारी संस्थानों की तटस्थता के अनुरूप नहीं है." विधेयक के तहत सुरक्षा जांच के दौरान महिलाओं को अपना चेहरा दिखाना होगा.

अब विधेयक ऊपरी सदन बुंडेसराट में जाएगा. वहां पास होने के बाद यह कानून बनेगा. जर्मनी ने बीते एक साल में कुछ आतंकवादी हमले झेले हैं. शरणार्थी संकट के बाद अब उग्र दक्षिणपंथी पार्टियां आतंकवाद को भी मुद्दा बना रही हैं. सितंबर में होने वाले चुनावों से पहले मुख्यधारा की पार्टियों पर दबाव है.

जर्मनी के आंतरिक मामलों के मंत्री थोमास दे मैजियर के मुताबिक, "समेकन का यह मतलब भी है कि हम यह साफ कर दें और अपने मूल्यों में इसे शामिल कर लें कि दूसरी संस्कृतियों के प्रति हमारी सहनशीलता की सीमाएं कहां हैं."

अगर यह कानून बना तो जर्मनी यूरोप का पांचवा ऐसा देश बन जाएगा जहां बुर्के पर आंशिक प्रतिबंध होगा. फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड्स और बुल्गारिया में ऐसा प्रतिबंध पहले ही लगाया जा चुका है. ऑस्ट्रिया और नॉर्वे में भी इस पर विचार हो रहा है.

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी फ्रांस की ही तरह अपने देश में भी सार्वजनिक जगहों पर बुर्के पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही थी. दिसंबर 2016 में जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की बात कही. निचले सदन में पास विधेयक उसी की कड़ी है.

मैर्केल और उनकी सीडीयू पार्टी को पांच महीने बाद चुनाव का सामना करना है. सर्वेक्षणों के मुताबिक सीडीयू का कुछ जनाधार अप्रवासियों का विरोध करने वाली पार्टी एएफडी की तरफ खिसका है. खुद सीडीयू की सहोदर पार्टी सीएसयू दक्षिण जर्मनी के समृद्ध प्रांत बावेरिया में सरकार चलाती है. सीएसयू कह चुकी है कि वह स्कूल, यूनिवर्सिटियों, सरकारी दफ्तरों और पोलिंग स्टेशनों नमें बुर्के पर प्रतिबंध लगाएगी.

गुरुवार को देर शाम तक चले सत्र के दौरान बुंडेसटाग में कट्टरपंथियों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए नए सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा हुई. नए उपायों के तहत अदालत की मंजूरी के बाद सुरक्षा के लिए खतरा बने संदिग्धों को पैर में इलेक्ट्रॉनिक पायल पहनाई जाएगी. संघीय और प्रांतीय पुलिस के डाटा को साथ लाने के लिए साझा आईटी सिस्टम भी बनाया जाएगा. यूरोपीय संघ के नियम के मुताबिक हवाई सफर करने वाले यात्रियों का डाटा भी शेयर किया जाएगा.

ड्यूटी के दौरान पुलिस, इमरजेंसी सर्विस और सैनिकों पर शारीरिक हमला करने वालों को पांच साल की जेल की सजा देने को भी निचली सदन ने सहमति दी. (इसलिए एएफडी पार्टी से डर रहे हैं जर्मन)

ओएसजे/एके (डीपीए, रॉयटर्स, एएफपी)

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