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दुनिया

बुर्क़े पर पाबंदी के पक्ष में वोट की आलोचना

बेल्जियम की संसद में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्क़े पर पाबंदी के पक्ष में वोटिंग की कड़ी आलोचना हुई है. बेल्जियम यूरोप का पहला देश बन गया है जहां बुर्के पर प्रतिबंध के पक्ष में वोट हुआ. मुसलिमो में भारी नाराज़गी.

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बुर्क़े पर पाबंदी के पक्ष में हुई वोटिंग का विरोध हो रहा है. मुसलिम एक्ज़ीक्यूटिव ऑफ़ बेल्जियम की उपाध्यक्ष इसाबेल प्रेल ने चेताया है कि यह अच्छी मिसाल नहीं है और अन्य धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी लगाने का भी रास्ता खुल जाएगा. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी वोट के नतीजे की आलोचना की है क्योंकि उसके मुताबिक़ यह अभिव्यक्ति और धर्म की आज़ादी का उल्लंघन है जिससे ख़तरनाक संदेश जाता है.

इस्लामी विद्वान माइकल प्रिवोट ने अपने एक लेख में कहा है कि बेल्जियम भी अब ईरान और सउदी अरब जैसे देशों की कतार में खड़ा हो गया है जहां सार्वजनिक स्थलों पर पहनावे के नियम हैं. यूरोप के कई देशों में बुर्क़े का विरोध ज़ोर पकड़ रहा है जिसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जाता है. फ्रांस यूरोप में सबसे ज़्यादा मुसलिम जनसंख्या वाला देश हैं और वहां भी सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी के प्रयास हो रहे हैं.

NO FLASH Burka-Verbot in Belgien

बेल्जियम की संसद के निचले सदन ने ऐसे पहनावे या नक़ाब पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मतदान किया है जिससे व्यक्ति की पहचान छुपती हो. इस पाबंदी का उल्लंघन करता अगर कोई पाया जाता है तो उस पर 20 से 34 डॉलर का जुर्माना हो सकता है या फिर सात दिन जेल की सज़ा हो सकती है. लेकिन यह पाबंदी अगले कई हफ़्तों तक लागू नहीं होगी क्योंकि बेल्जियम फ़िलहाल राजनीतिक संकट से जूझ रहा है.

अगर बेल्जियम में दोबारा चुनाव होते हैं तो फिर इस फ़ैसले पर पुनर्विचार हो सकता है. उदारवादी सांसद डेनिस डरकार्मे ने कहा, "महिलाओं को दासता की बेड़ियों से छुटकारा दिलाने वाले हम पहले देश बन गए हैं. हमें उम्मीद है कि फ़्रांस, स्विटज़रलैंड, इटली और नीदरलैंड भी हमारा अनुसरण करेंगे."

Minarett / Schweiz / Volksabstimmung

इस प्रतिबंध को सड़कों, उद्यानों, खेल के मैदानों और सार्वजनिक कामकाज की इमारत या कार्यालयों में लागू किया जाना है. पाबंदी के बिल के पक्ष में सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी दल सहमत हुए हैं. इसकी प्रमुख वजह सुरक्षा कारण बताए गए हैं क्योंकि उनके पहनावे से उनकी पहचान नहीं की जा सकती. सांसदों का कहना है कि महिलाओं के लिए बुर्क़ा चलती फिरती जेल है.

लेकिन रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ओ सिंह

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