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जर्मन चुनाव

बीसीसीआई ने मोदी की मांग खारिज की

बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि आईपीएल के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ जांच कर रही अनुशासनात्मक समिति से चिरायु अमीन और अरुण जेटली को नहीं हटाया जाएगा. विवादों और वित्तीय घोटलों में फंसे मोदी को एक और झटका लगा है.

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भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले की जांच के लिए 18 अगस्त को अगली तारीख तय कर दी है. सुनवाई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में शाम साढ़े सात बजे होगी. बोर्ड ने अपने फैसले के बारे में कोई वजह नहीं बताई. बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "ललित मोदी ने समिति के कुछ सदस्यों को हटाने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया है."

जो समिति मोदी के खिलाफ घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रही है, उसमें आईपीएल के अंतरिम कमिश्नर चिरायु अमीन और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष अरुण जेटली के अलावा कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हैं. सिंधिया मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. इस समिति ने तीन बार बैठक की है और तीनों ही बार ललित मोदी इसमें मौजूद नहीं रहे. उनकी अगुवाई उनके वकीलों की टीम ने की.

Chirayu Amin 2001

समिति की आखिरी बैठक एक अगस्त को हुई, जिसके बाद इसने अपने फैसले को सुरक्षित रखा. मोदी के वकील महमूद आबदी ने तब कहा था कि उन्होंने अमीन और जेटली को समिति से हटाने की मांग की है और उस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है. मोदी का कहना है बीसीसीआई ने ही उन पर आरोप लगाए हैं और मोदी के अलावा अमीन बोर्ड के हिस्सा हैं. ऐसे में उनके खिलाफ पक्षपात रहित मामला नहीं चल सकता.

लगातार तीन बार आईपीएल को शानदार कामयाबी दिलाने वाले ललित मोदी पर इस साल आईपीएल 3 के दौरान ही बड़े आरोप लगे. इसमें अपने नजदीकी लोगों को फायदा पहुंचाने और वित्तीय घोटाले के आरोप भी शामिल हैं. हालांकि मोदी इन आरोपों से इनकार करते हैं लेकिन बीसीसीआई ने आईपीएल खत्म होने के ठीक बाद उन्हें कमिश्नर पद से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई. उन्हें बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया.

मोदी ने बोर्ड के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील भी की, लेकिन अदालत ने उनकी अपील ठुकरा दी.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः आभा एम