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खेल

बीजिंग में फॉर्मूला ई

बीजिंग के ओलंपिक पार्क में फॉर्मूला ई की पहली रेस हो रही है. फॉर्मूला वन के कई मशहूर ड्राइवर इस रेस के समर्थन में हैं. और हॉलीवुड के लियोनार्डो डी क्रैप्रियो भी. चीन को इस रेस से काफी उम्मीदें हैं.

एक ही दिन में प्रैक्टिस भी और रेस भी. मोटर स्पोर्ट की ताजा रेसिंग सीरिज का नाम है फॉर्मूला ई. कई फॉर्मूला वन ड्राइवर जैसे जार्नो ट्रूली, निक हैफील्ड, ताकुमा सातो, ब्रूनो सेना और करुण चंढोक बींजिग के ओलंपिक स्टेडियम में इस पहली रेस के दौरान मौजूद होंगे. ई प्री की ये रेस 3.4 किलोमीटर की होगी. ई कारें इस दौरान बर्ड्स नेस्ट स्टेडियम के शानदार वॉटर क्यूब एरीना से भी गुजरेंगी.

20 इलेक्ट्रिक कारें इस दौड़ में शामिल हो रही हैं और ड्राइवरों में दो महिलाएं भी शामिल हैं. ये हैं ब्रिटेन की कैथरीन लेगे और इटली की मिचेला सेरुति.

हॉलीवुड के मशहूर अदाकार लियोनार्डो डी क्रैप्रियो भी रेस में शामिल 10 टीमों में से एक के मालिक हैं. कुल 10 रेस होंगी. और ये रेसें मायामी, बर्लिन सहित लंदन में भी होगी. सीजन की आखिरी रेस 27 जून 2015 को लंदन में होगी.

एफआईए के प्रमुख जां टोड ने कहा, "मोटर स्पोर्ट के इतिहास में फॉर्मूला ई एक बड़ा कदम है और नई तकनीक के विकास में भी. दुनिया बदल रही है और मोटर स्पोर्ट एसोसिएशन के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन बदलावों में शामिल हों. रोजमर्रा के याचायात और रेसिंग के बीच जुड़ाव होना बहुत महत्वपूर्ण है. मेरे लिए इलेक्ट्रिक कार शहरों के लिए मोटोरिंग का भविष्य है. इसलिए हम ये रेस दुनिया के बड़े शहरों में कर रहे हैं. यह एक नया तरीका है और ये एक नया उत्पाद है."

मोंटे कार्लो की वेंचुरी टीम के मालिकों में डी कैप्रियो भी एक हैं. इसके चालकों में हेडफेल्ड और स्टेफान साराजिन शामिल हैं. डी कैप्रियो ने कहा, "हमारी धरती का भविष्य हमारी क्षमता पर निर्भर है कि हम कितनी ईंधन सक्षम, साफ ऊर्जा वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कर पाते हैं. जिससे भी आप बात करें वह इसमें रुचि ले रहा है, स्पॉन्सर भी. क्योंकि यह बहुत इको फ्रेंडली है, यह बहुत बढ़िया हो सकती है."

हेडफेल्ड अब तक कुल 185 रेसों में शामिल हो चुके हैं. और अब फॉर्मूला ई में 270 हॉर्स पॉवर वाली कार के साथ शामिल हो रहे हैं जो 225 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच सकती है. सभी चालकों के पास पहले सीजन में एक ही मॉडल होगा, स्पार्क रेनो एसटीआरआई01ई. चूंकि पूरे एक घंटे तक बैटरी नहीं चल पाएगी इसलिए रेस के बीच में ड्राइवरों को गाड़ियां बदलनी होंगी.

इस गाड़ी का इंजन घटा कर 202.5 हॉर्स पॉवर का कर दिया गया है. लेकिन फैंस वोट करके तय कर सकते हैं कि किन तीन ड्राइवरों को 243 हॉर्स पॉवर की कार मिल सकेगी. ये वोटिंग स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर से की जा सकेगी.

इस कार का शोर भी बहुत होगा. इस पर भी बहस चल रही है. फॉर्मूला ई के बॉस अलेखांद्रो अगाग ने बताया, "बिलकुल आपको इंजन सुनाई देगा. मैं सोचता हूं कि ये आवाज एकदम कूल और मॉडर्न है."

एफआईए प्रमुख टोड ने कहा, "बीजिंग की रेस परीक्षा होगी. हमने बहुत उम्मीदें जगाई हैं. और उम्मीदें अगर आपने पैदा की हैं, तो आपको वो तोड़नी नहीं चाहिए. फॉर्मूला ई एक शुरुआत है. पहले सीजन को जांचना होगा कि क्या काम करता है और क्या नहीं. जैसे जैसे लोकप्रियता बढ़ेगी और रेस लंबी होगी, नई टीमें और नए निर्माता अहम भूमिका निभाएंगे."

एएम/एजेए (डीपीए)

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