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जर्मन चुनाव

बीएसपी सहित कई दलों का सफाया

जातिवाद और क्षेत्रवाद की राजनीति करने वाली मायावती की बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का 16वीं लोकसभा में वजूद खत्म हो गया है.

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद मनमोहन सिंह की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के सुख दुख की साथी रही नेशनल कॉन्फ्रेंस भी अब लोकसभा में नजर नहीं आएगी. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्लाह श्रीनगर से चुनाव हार गए हैं. इसके अलावा पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया. 15वीं लोकसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन सांसद थे.

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से जातिगत राजनीति के सहारे राष्ट्रीय पटल पर छाई बीएसपी का सफाया हो गया है. वर्तमान लोकसभा में 21 सांसदों वाली बीएसपी नई लोकसभा में एक सांसद के लिए तरस गई. अवसरवादी राजनीति का आरोप झेलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र और केंद्रीय मंत्री अजित सिंह अपनी परंपरागत सीट बागपत में बुरी तरह हार गए. उनके पुत्र जयंत चौधरी को भी मथुरा से बीजेपी की हेमा मालिनी के हाथों हार मिली. आरएलडी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. मौजूदा लोकसभा में आरएलडी के पांच सांसद थे.

पहली बार लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने चुनाव में पार्टी को मिली बुरी शिकस्त पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दिल्ली की जनता ने उन्हें निराश किया है पर वह उनके निर्णय की इज्जत करते हैं लेकिन उनकी लड़ाई जारी रहेगी. केजरीवाल ने कहा कि वह इस चुनाव में पहली बार आए थे. उनके लिए यह चुनाव नया था. केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें इतनी सफलता मिलेगी पर दिल्ली की जनता ने उन्हें निराश किया. पंजाब में आप को चार सीटें मिली हैं.

ममता का जबरदस्त प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए राज्य की 42 में से 34 सीटों पर जीत हासिल की है. बंगाल में लेफ्ट को सिर्फ दो सीटें मिली हैं. वहीं बीजेपी चार सीट पाने में कामयाब हुई. चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "देश के लोग लोकसभा चुनावों में मैन ऑफ द मैच बने हैं. लोगों ने लोकसभा चुनावों में हमें वोट दिया है. जो भी देश और जनता के लिए अच्छा होगा हम वही करेंगे."

बिहार में बीजेपी और लोक जनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने जेडीयू को करारी शिकस्त दी है. नरेंद्र मोदी के बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित होने के बाद एनडीए से नाता तोड़ने वाली जेडीयू को भी बिहार में मतदाताओं ने लगभग नकार दिया. 20 सीटों वाली जेडीयू को दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा.

वहीं आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी सारण से और उनकी बेटी मीसा भारती पाटलिपुत्र से चुनाव हार गई हैं.

तमिलनाडु में जे जयललिता की आंधी के आगे 18 सांसदों वाली डीएमके भी उड़ गई है. एम करुणानिधि की डीएमके का एक भी उम्मीदवार एआईडीएमके के सामने टिक नहीं पाया. केरल में भी वामदलों का प्रदर्शन खराब रहा. यूपीए सरकार की प्रमुख घटक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बड़ी मुश्किल से अपनी लाज बचा पाई.

एए/एमजे (वार्ता)

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