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खेल

बिन हम्माम को सजा की मांग

विवादों में बुरी तरह घिरने के बाद मोहम्मद बिन हम्माम फीफा से तो अलग हो गए लेकिन अब उन्हें सजा देने की मांग होने लगी है. पिछले साल सेप ब्लाटर को चुनौती देने वाले कतर के बिन हम्माम भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए हैं.

एशिया के पूर्व फुटबॉल प्रशासक पीटर वेलप्पन ने मांग की है कि अगर बिन हम्माम दोषी हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए. बिन हम्माम ने फुटबॉल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. वेलप्पन का कहना है कि सिर्फ इस्तीफे से बात खत्म नहीं होनी चाहिए और अगर वह दोषी हैं तो उन्हें छोड़ा नहीं जाना चाहिए.

फीफा ने कहा है कि यह बात साबित हो गई है कि एशियाई फुटबॉल के अध्यक्ष रहते हुए बिन हम्माम ने नैतिक संहिता को कई बार तोड़ा. 1978 से 2007 तक एशियाई फुटबॉल के महासचिव रह चुके वेलप्पन का कहना है कि फीफा को बिन हम्माम के खिलाफ जांच करानी चाहिए.

कतर के 63 साल के ताकतवर फुटबॉल प्रशासक के इस्तीफा देने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था फीफा ने उन पर उम्र भर के लिए पाबंदी लगा दी है. बिन हम्माम ने 2011 में फीफा प्रमुख सेप ब्लाटर को चुनाव में चुनौती दी थी लेकिन आखिरी वक्त में अपना नाम वापस ले लिया था.

Mohamed Bin Hammam

उसी वक्त यह बात सामने आई कि अपने पक्ष में वोटिंग के लिए उन्होंने कुछ लोगों को रिश्वत देने की कोशिश की. इसके बाद फीफा ने उन पर पाबंदी लगा दी लेकिन जुलाई में खेलों की अदालत ने इस फैसले को खारिज कर दिया था. लेकिन इसके बाद सोमवार को उन पर फीफा ने दोबारा से पाबंदी लगा दी और कहा कि अब वह किसी भी तरह फुटबॉल से नहीं जुड़े रह पाएंगे.

फीफा ने इस बार रिश्वत के आरोप में पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि उनके एशियाई फुटबॉल के प्रमुख रहते हुए हितों के टकराव को लेकर है. फीफा की ओर से जारी बयान में कहा गया, "नए नैतिक संहिता के मुताबिक अगर कोई शख्स अपने पद से इस्तीफा भी दे देता, तो भी उसके खिलाफ जांच की जा सकती है. नैतिक समिति में जांच इकाई के प्रमुख माइकल जे गार्सिया की अंतिम रिपोर्ट को आधार बना कर बिन हम्माम पर ताउम्र पाबंदी लगाई गई है."

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 से 2011 के बीच बिन हम्माम ने कई बार फायदा उठाने की कोशिश की. यह कार्रवाई फीफा के प्रशासनिक इतिहास के सबसे बड़े विवादों में शामिल है.

बिन हम्माम ने दावा किया था कि सेप ब्लाटर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके खिलाफ मामले इसी से प्रेरित हैं. पिछले साल फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव के वक्त आरोप है कि बिन हम्माम ने कैरिबियाई फुटबॉल के अधिकारियों को 40-40 हजार डॉलर की रिश्वत देने की कोशिश की थी.

बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली और ब्लाटर को एक बार फिर निर्विरोध चुन लिया गया. 76 साल के ब्लाटर 1998 से फुटबॉल महासंघ के प्रमुख बने हुए हैं.

एजेए/एनआर(एएफपी, रॉयटर्स)

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