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दुनिया

बिन लादेन की रिपोर्ट लीक

ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में ढूंढने में नाकामी के लिए सरकार के बनाए आयोग की रिपोर्ट लीक हो गई है. पाकिस्तान की सरकार के लिए फिलहाल कुछ कह पाना मुश्किल हो रहा है.

ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में ढूंढने में नाकामी के लिए सरकार के बनाए आयोग की रिपोर्ट लीक हो गई है. पाकिस्तान की सरकार के लिए फिलहाल कुछ कह पाना मुश्किल हो रहा है.

पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान में लंबे समय तक रहे अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में नाकाम रहने के लिए किसी को सजा दी जाए या नहीं यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. सूचना मंत्री परवेज राशिद ने कहा, "यह पूछने का अभी वक्त नहीं है." सूचना मंत्री का बयान ओसामा बिन लादेन के मौत की सरकारी जांच के नतीजों के लीक होने से मिली जानकारी के बाद आई है. इस जांच में ओसामा बिन लादेन को ढूंढने या पकड़ने में नाकाम रहने के लिए पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दोषी ठहराया गया है.

यूएस नेवी सील्स ने बिन लादेन को एबटाबाद में उसके ठिकाने में मार गिराया. बाद में पाकिस्तान सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आयोग बनाया. इसकी रिपोर्ट को आधिकारिक तौर पर तो जारी नहीं किया गया लेकिन अल जजीरा टीवी चैनल ने इसकी जानकारियां सोमवार को लीक कर दीं. रिपोर्ट तैयार करने के लिए आयोग ने ओसामा बिन लादेन की तीन बीवियों से पूछताछ की. बाद में उन्हें सऊदी अरब भेज दिया गया.

इन दस्तावेजों में कहा गया है कि ओसामा बिन लादेन एबटाबाद के किलेनुमा परिसर में रहने से पहले पांच साल तक पाकिस्तान के अलग अलग शहरों में घूमता रहा. अगस्त 2005 में वह एबटाबाद वाले मकान में रहने आया. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इसी साल ओसामा बिन लादेन को ढूंढने की फाइल बंद कर दी. (बिन ओबामा एक साल)

रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज की सील है. इसने किसी शख्स या गुट को बिन लादेन को पाकिस्तान में अमेरिकी हमले से पहले ढूंढने में नाकामी के लिए दोषी नहीं माना है. 336 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है, "किसी का नाम लेने की जरूरत नहीं है, यह साफ जाहिर है कि वो कौन है? राजनीतिक रूप से यह अवास्तविक होगा कि उनके लिए सजा की सलाह दी जाए. लेकिन सम्मानित इंसान होने के कारण उन्हें सम्मानजनक काम करना चाहिए और इसमें उनका अपनी लापरवाही के लिए देश से माफी मांगना शामिल है."

सूचना मंत्री का कहना है कि सरकार इस बात की भी जांच कर रही है कि रिपोर्ट मीडिया में कैसे लीक हो गई और जो कुछ उस रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है वो सचमुच उसका हिस्सा है या नहीं. राशिद ने कहा, "केवल सरकार के पास इन दस्तावेजों को जारी करने का अधिकार है, हम देखेंगे कि किसने यह किया." विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. सेना के प्रेस कार्यालय ने भी इस बारे में कोई बयान देने से मना कर दिया है.

एनआर/एमजे (डीपीए, एएफपी)

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