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दुनिया

बिना हाथ पांव तैर कर पार किया इंगलिश चैनल

सही सलामत हाथ पैर वाले अच्छे तैराकों की भी इंगलिश चैनल पार करने में सांस फूल जाती है लेकिन फ्रांस के फिलिप क्रोइजन ने ये करिश्मा बिना हाथ पांव के ही कर डाला. फिलिप के हाथ पाव एक हादसे में बेकार होने पर काट दिए गए थे.

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दो साल तक कड़ी मेहनत से तैयारी करने के बाद फिलिप ने ये करिश्मा शनिवार को कर दिखाया. दक्षिणी इंगलैंड के फोल्कस्टोन से सुबह आठ बजे फिलिप ने तैरना शुरू किया और फ्रांस के तट पर विसांट तक शाम 9:30 से पहले ही पहुंच गए. हाथ पांव की जगह सहारा देने के लिए उनके पास बस चप्पू के आकार के नकली पैर थे.

Sturm Kyrill - Boot auf der Themse, London

मंजिल पर पहुंचने के बाद खुशी के मारे फिलिप के मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे. उन्होंने बस इतना कहा, "मैंने कर दिखाया, ये पागल कर देने वाला है." फिलिप को उम्मीद है कि इस कामयाबी से वो कमजोरियों पर काबू पाने की मिसाल बन गए हैं. हाथों के बगैर तैरते फिलिप ने पूरे रास्ते में एक सी गति बनाए रखी और रास्ते में उनका सामना कई डॉल्फिन से भी हुआ. फिलिप ने करीब तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैराकी की और ये सामान्य तैराकों की तुलना में थोड़ा ही कम है.

1994 में एक घर की छत से टेलिविजन एंटेना हटाते समय वो 20 हजार वोल्ट के बिजली की करंट की चपेट में आ गए. बाकी शरीर तो ठीक रहा लेकिन हाथ पैर इस हादसे में बेकार हो गए और डॉक्टरों को उन्हें काट कर अलग करना पड़ा. अस्पताल से बाहर आने के बाद फिलिप ने एक तैराक के बारे में डॉक्यूमेंट्री देखी और तभी से उनके मन ने भी एक लक्ष्य तय कर लिया. इसे हासिल करने के लिए फिलिप ने कड़ी मेहनत की. दो साल तक फिलिप के पैर का इलाज किया गया. पिछले महीने ही उन्होंने फ्रांस के अटलांटिक तट पर 12 घंटे तक लगातार तैराकी की.

दो बच्चों के पिता फिलिप ने कहा कि वो अपने आप को, परिवार को और दोस्तों को हिम्मत बंधाना चाहते थे जिन्होंने हादसों की वजह से जिंदगी का मजा खो दिया है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः महेश झा

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