1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

बिग बॉस नहीं है राष्ट्रपति चुनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव "रियलिटी टीवी" नहीं है. उनका सीधा निशाना रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार डोनल्ड ट्रंप पर था.

देर रात प्रसारित होने वाले टॉक शो में शिरकत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर अपने चुटकीले और गंभीर अंदाज का नमूना पेश किया. रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनल्ड ट्रंप का विरोध करते हुए डेमोक्रैट ओबामा ने कहा, "इस प्रक्रिया में मेरी मुख्य भूमिका अमेरिका के लोगों को यह बताने की होगी कि यह एक गंभीर काम है. आप जानते ही हैं कि यह रियलिटी टीवी नहीं है."

ओबामा के मुताबिक उन्होंने अभी तक ट्रंप से बात नहीं की है. लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वह रिपब्लिकन उम्मीदवार के चुनाव से खुश हैं तो ओबामा ने गंभीर अंदाज में कहा, "बड़े तौर पर देखा जाए तो यह पूरे देश के लिए अच्छी बात नहीं है. ऐसा नहीं है जिसके लिए डेमोक्रैट्स को भी उम्मीद करनी चाहिए." 2008 में पहली बार और 2012 में दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए ओबामा ने आशा जताई कि मध्य दक्षिणपंथी रिपब्लिकन पार्टी भविष्य के चुनावों में सही उम्मीदवार का चयन करेगी.

वैसे अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव किन दो चेहरों के बीच लड़ा जाएगा, ये अब करीब करीब तय है. रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अरबपति कारोबारी डोनल्ड ट्रंप मैदान में होंगे और डेमोक्रैट्स की तरफ से पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन उनका सामना करेंगी. अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में यह पहला मौका है जब कोई महिला राष्ट्रपति पद की दावेदारी के इतनी करीब पहुंची है. लेकिन क्या हिलेरी आखिरी चढ़ाई भी बखूबी पूरी कर पाएंगी, इसे लेकर लोगों में संशय है.

रिपब्लिकन पार्टी के डोनल्ड ट्रंप उन पर भारी पड़ते दिख रहे हैं. ट्रंप आए दिन विवादित बयान दे रहे हैं. कभी वह अमेरिका में मुसलमानों की एंट्री बंद करने की बात करते हैं, तो कभी कहते हैं कि कारोबार में चीन अमेरिका का बलात्कार कर रहा है. चुनाव में सुर्खियों में बने रहना बहुत जरूरी है और इस लिहाज से ट्रंप पूरी रफ्तार बनाए हुए हैं.

वह बीच बीच में हिलेरी पर व्यक्तिगत हमले भी कर रहे हैं. विदेश मंत्री रहने के दौरान हिलेरी ने सरकारी काम से जुड़े ईमेल अपने निजी सर्वर में सेव किये. ट्रंप इसकी आलोचना करते हुए कह रहे हैं कि क्लिंटन ने विदेश मंत्री के पद को प्राइवेट हेज फंड कंपनी की तरह चलाया. राजनीतिक समीक्षक भी मान रहे हैं कि ट्रंप भारी पड़ रहे हैं. खुद डेमोक्रैट्स के अंदर ट्रंप को काबू में करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने पर विचार चल रहा है. नवंबर में होने वाले चुनावों के लिए बस अब तैयारी आखिरी चरण में है.

DW.COM

संबंधित सामग्री