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मंथन

बादलों में दिल

खुले मैदान में लेटकर आसमान को तकना.. ये सीन कुछ फिल्मी लगता है. लेकिन दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो भले ही लेटकर न देखते हों, लेकिन आसमान तकते हैं, बादल देखने के लिए. इसे कहते हैं क्लाउड स्पॉटिंग, जानिए ये क्या है.

इंग्लैंड के गैविन प्रेटर पिनी ने नौ साल पहले बादलों के दीवानों का क्लब बनाया, क्लाउड एप्रिसिएशन सोसाइटी. ये उनके लिए है जो क्लाउड स्पॉटिंग करते हैं, यानि बादलों को देखते हैं. पिनी कहते हैं, "आपको इसके लिए खास एक्विपमेंट चाहिए, दो आंखे और एक खास आदत भी, कि आप अपने आस पास के माहौल पर ध्यान दें. असल में आपको कुछ नहीं चाहिए. बस आपको अपने आस पास खूबसूरती को देखना होगा. और आप पाएंगे कि अचंभे में पड़ने के लिए आपको दुनिया घूमने की कोई जरूरत नहीं."

पिनी के साथी रॉन वेस्टमास अकसर बादल देखते समय कैमरा साथ रखते हैं. इंग्लैंड के सॉमरसेट में भी ज्यादातर क्लाउड स्पॉटर कैमरा साथ लेकर ही घूमते हैं. वे कहते हैं, "हमेशा एक कैमरा अपने साथ रखिए और ऊपर देखते रहिए. कुछ मजेदार जरूर दिखाई देगा. फिर आपको बस क्लिक करना है और आपको शानदार तस्वीरें मिल सकती हैं. यह काफी मजेदार है."

थोड़ी सी कल्पना करें तो बादलों में बहुत कुछ नजर आता है, कभी शंख, कभी ड्रैगन, कभी दिल तो कभी मछली दिखती है. उनके लिए गैविन ने एक पूरी किताब बनाई है, "बादलों में आकृति ढूंढने का कोई मकसद नहीं, यह बेकार काम है. इसलिए यह बहुत जरूरी है. क्योंकि आजकल, जिस तरह के आधुनिक समाज में हम रहते हैं, हमें लगता है कि हमें हमेशा बिजी रहना चाहिए."

बर्लिन के क्लाइमेट रिसर्चर हेनिंग रुस्ट के लिए बादलों को देखना समय की बर्बादी बिलकुल नहीं है. वह इनमें मौसम के बदलाव को देखते हैं -और उन्हें पता है कि बादल अलग अलग क्यों दिखते हैं. वह बताते हैं, "बादल दरअसल पानी की बूंदे हैं. यह उनकी खास बात है. इसलिए हम उन्हें देख सकते हैं और वायुमंडल के बाकी पारदर्शी तत्वों से उन्हें अलग कर सकते हैं. क्यूमुलस बादल गहरे, बड़े और घने होते हैं. अगर आप इन्हें साइड से देखें, यानि थोड़ा दूर या ऊपर जा कर. तो आसानी से आप इनकी 3डी संरचना देख सकते हैं जिसमें कभी आपको कुत्ते का मुंह दिखता है तो कभी खरगोश."

बादल बुरे मौसम की बानगी हो सकते हैं इसका इन दीवानों पर कोई असर नहीं पड़ता. इंटरनेट में एक से एक तस्वीरें इन लोगों ने अपलोड की हैं. पिनी बताते हैं, "मैंने देखा कि तस्वीरों की पूरी श्रृंखला है. आप देख सकते हैं कि बादल कैसे बदले और उन्होंने कैसा आकार लिया. इससे मुझे विश्वास हुआ कि यह फोटोशॉप का काम नहीं है." वहीं वेस्टमास आश्वासन दिलाते हैं, "आसमान में इतनी वेरायटी है कि आपका वक्त बेकार नहीं जाएगा. क्लाउड स्पॉटिंग के लिए हर दिन अच्छा है बशर्ते बिलकुल नीला आसमान न हो. हमें उससे नफरत है." अच्छा मौसम क्या है, ये आप पर निर्भर है. जब बादल घिर आते हैं तो ये दीवाने उन्हें पकड़ने निकल पड़ते हैं.