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खेल

बागी लीग पर आरोपों का जवाब देंगे मोदी

इंग्लैंड में बागी ट्वेंटी20 लीग शुरू कराने के आरोप के सिलसिले में मिले कारण बताओ नोटिस का निलंबित आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी सोमवार को जवाब देंगे. मोदी के वकील ने कहा है कि इस नोटिस का जवाब भारी भरकम नहीं होगा.

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दूसरे कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए समयसीमा को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था और अब 31 मई को मोदी इसका जवाब देंगे. आईपीएल में कथित वित्तीय धांधलियों के आरोपों पर ललित मोदी ने पहले कारण बताओ नोटिस का जवाब दे चुके हैं जो करीब 15 हजार पन्नों का है. लेकिन मोदी के वकील महमूद आब्दी ने रविवार को बताया कि दूसरे नोटिस का जवाब पहले की तरह बड़ा नहीं होगा.

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन गाइल्स क्लार्क ने बीसीसीआई को एक ईमेल लिखकर ललित मोदी पर गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद बीसीसीआई ने पाया कि मोदी भारतीय क्रिकेट, इंग्लिश क्रिकेट और वर्ल्ड क्रिकेट के लिए खतरा हैं.

दिल्ली में 31 मार्च को इंग्लिश काउंटी यॉर्कशायर, लंकाशायर और वारविकशायर के प्रतिनिधियों की ललित मोदी के साथ बैठक हुई. आरोपों के मुताबिक मोदी ने इंग्लैंड और वेल्स में एक समानान्तर ट्वेंटी20 लीग शुरू कराने का विचार रखा. इंग्लैंड और वेल्स में ट्वेंटी20 लीग के लिए भारत में आईपीएल की मौजूदा आठ फ्रेंचाइजी 9 काउंटी को खरीदने के लिए बोली लगाती.

इंग्लैंड में बागी लीग शुरू कराने के आरोप लगने के बाद ही बीसीसीआई ने ललित मोदी के खिलाफ दूसरा कारण बताओ नोटिस जारी किया. बीसीसीआई नोटिस में कहा गया, "आपने इस मामले पर व्यावसायिक रूप से विचार किया और प्रस्ताव रखा कि हर काउंटी को प्रतिवर्ष तीस से पचास लाख डॉलर की रकम मिलेगी. इसके अलावा मैच कराने के लिए 15 लाख डॉलर मिलेंगे."

बीसीसीआई ने आरोप लगाया कि मोदी ने इंग्लिश काउंटी को एक ऐसा प्रस्ताव पेश किया जिसके मुताबिक फ्रेंचाइजी को मुनाफे का 80 फीसदी और काउंटी को 20 फीसदी मिलता. इंग्लैंड में ट्वेंटी20 लीग कथित रूप से आईपीएल की तर्ज पर शुरू की जाने की योजना थी जिससे देश की क्रिकेट संस्था को चुनौती दी जाती.

बीसीसीआई ने इंग्लैंड में खिलाड़ियों के मन में बोर्ड के खिलाफ बगावत का बीज बोने के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया है. बोर्ड का कहना है कि इससे सारी ताकत क्रिकेट बोर्ड से निकल कर फ्रेंचाइजी के हाथ में चली जाती.

कुछ ही दिन पहले ललित मोदी ने 14 पन्नों के अपने खत में मांग की है कि उनके खिलाफ आईपीएल में कथित वित्तीय धांधलियों की जांच प्रक्रिया में दोनों पदाधिकारियों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे मनोहर जज और गवाह की भूमिका एक साथ निभा रहे होंगे. ललित मोदी ने बोर्ड अध्यक्ष शशांक मनोहर और सचिव श्रीनिवासन पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

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