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दुनिया

बांग्लादेश में 48वीं हत्या

बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों ने आतंक मचा रखा है. बीते चार महीने में 48 हत्याएं हो चुकी हैं. सोमवार को एक हिन्दू पुजारी की गला रेतकर हत्या की गयी.

पश्चिमी बांग्लादेश में सोमवार को 70 साल के हिन्दू पुजारी आनंद गोपाल गांगुली का शव मिला. झेनाईदाह जिले के नोलडांगा गांव में रहने वाले गांगुली सुबह घर से पूजा के लिए निकले थे. उसके बाद से उनका कोई अता पता नहीं था. जिले के डीसीपी गोपीनाथ कांजीलाल के मुताबिक, "बाद में किसानों को उनका लगभग सिर कटा शव धान के खेत में मिला."

हत्या की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि इसमें इस्लामिक कट्टरपंथियों का हाथ है. कांजीलाल कहते हैं, "उनका शव दूर दराज के इलाके में मिला, हमें ऐसा नहीं लगता कि हत्या का कोई गवाह होगा. लेकिन इस हत्या का पैटर्न भी हाल के समय हुई अन्य वारदातों की तरह स्थानीय इस्लामिक आतंकवादियों के स्टाइल से मिलता है."

इस्लामिक स्टेट और अल कायदा

बांग्लादेश में बीते कुछ महीनों से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है. हिन्दू, ईसाई, शिया और अहमदी समुदाय के लोगों के साथ साथ धर्मनिपरपेक्ष व उदार लोगों को चुन चुनकर मारा जा रहा है.

Bangladesch Sheikh Hasina Premierministerin

शेख हसीना

ज्यादातर वारदातों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट और स्थानीय अल कायदा ने ली है. लेकिन बांग्लादेश सरकार अब भी इस बात पर अड़ी है कि उनके यहां इस्लामिक स्टेट या अल कायदा मौजूद नहीं है. प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार स्थानीय चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहरा रही है.

वहीं गृह मंत्री हत्याओं के लिए इस्राएली खुफिया एंजेसी मोसाद को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए गृह मंत्री असादुज्जममान खान ने कहा, "ये हत्याएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हैं. जो लोग इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं वे मोसाद के संपर्क में हैं." मार्च में भारत यात्रा पर गए विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक नेता पर देशद्रोह की धारा भी लगाई गई है. स्थानीय मीडिया की खबर के मुताबिक पार्टी के बीएनपी के संयुक्त सचिव असलम चौधरी ने भारत में इस्राएली सरकार के सलाहकार से मुलाकात की. इस खबर के बाद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया.

90 फीसदी मुस्लिम आबादी

विशेषज्ञों का कहना है कि विरोधियों के दमन और बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक पार्टी जमात ए इस्लामी पर बैन लगाए जाने से चरमपंथ को बढ़ावा मिला है. जमात ए इस्लामी बांग्लादेश की मुख्य

Islamistische Proteste in Bangladesh

बांग्लादेश में उबाल मारता कट्टरपंथ

विपक्षी पार्टी है. पार्टी प्रमुख और दो बार प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया फिलहाल बम हमलों की साजिश का आरोप झेल रही हैं.

16 करोड़ की आबादी वाला बांग्लादेश मुस्लिम बहुल देश है. संवैधानिक रूप से देश धर्मनिरपेक्ष है लेकिन 90 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले देश में फिलहाल धार्मिक सदभावना बिल्कुल नजर नहीं आ रही है. गांगुली की हत्या से एक दिन पहले ही पूर्वोत्तर बांग्लादेश में एक ईसाई पादरी की हत्या हुई. वह रविवार को चर्च की प्रार्थना से लौट रहे थे. हत्या की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली. इतना ही नहीं, बीते हफ्ते चरमपंथियों वारदातों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी की पत्नी की भी सरेआम हत्या कर दी गई. मई में उत्तरी बांग्लादेश के गाईबंधा जिले में एक हिन्दू दुकानकार की हत्या हुई, उसकी जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट ने ली.

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