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दुनिया

बांग्लादेश फैक्टरी मालिकों की गिरफ्तारी के आदेश

बांग्लादेश की एक अदालत ने उस गार्मेंट फैक्टरी के मालिकों समेत चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, जिसमें 2012 में आग लगने से 111 कर्मचारियों की मौत हो गई थी. अदालत में हाजिर न होने पर इनके खिलाफ सख्ती दिखाई गई.

ढाका की अदालत ने तजरीन गार्मेंट फैक्टरी के मालिक दिलवर हुसैन और उनकी पत्नी महमूदा अख्तर के अलावा चार और लोगों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है. कई विदेशी कंपनियों के लिए कपड़े तैयार करने वाली इस फैक्टरी में नवंबर 2012 में लगी आग में यहां सिलाई करने वाले कर्मचारी जान गंवा बैठे. वकील अनवारुल कबीर ने कहा, "दोनों मालिकों के साथ 11 अन्य पर आगजनी और लापरवाही के कारण लोगों की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप है." इनमें से बाकी सात लोग अदालत में उपस्थित थे.

इन 13 आरोपियों में फैक्टरी के मालिकों के अलावा मैनेजर और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. अपराध साबित होने पर इन्हें कम से कम उम्र कैद की सजा हो सकती है. अभियोग पक्ष के अनुसार इस त्रासदी के 13 आरोपियों को इस महीने अदालत के सामने हाजिर होना था. इनमें से छह के उपस्थित न होने पर ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट वसीम शेख ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए.

फैक्टरी हादसे आम

दुनिया के कुछ सबसे सस्ते गार्मेंट उद्योग वाले देशों में शुमार बांग्लादेश में हुई यह त्रासदी इस क्षेत्र में मौजूद सुरक्षा संबंधी समस्याओं की तरफ इशारा करती है. तजरीन फैक्टरी हादसे के कुछ ही महीने बाद अप्रैल में देश ने एक और बड़ी त्रासदी देखी जब राणा प्लाजा गार्मेंट फैक्टरी की इमारत ढह जाने के 1135 कर्मचारियों की मौत हो गई. इसे दुनिया के कुछ सबसे गंभीर औद्योगिक हादसों में से एक माना गया.

अदालत का गिरफ्तारी आदेश क्षेत्रीय अधिकारियों का सख्त होता रवैया दिखाता है. बांग्लादेश में करीब 4500 गार्मेंट फैक्टरियां हैं जहां हादसे काफी आम हैं. पुलिस के अनुसार यह शायद पहली बार है जब फैक्टरी में लगी आग के लिए मालिकों को जिम्मेदार माना जा रहा है.

खिड़कियों से कूदे

दिलवर हुसैन पर आरोप है कि उन्होंने नौ मंजिला इमारत में संकरी सीढ़ियां रख कर निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन किया. उनके देश से बाहर जाने पर पाबंदी है.

इस हादसे में जान गंवाने वाली ज्यादातर महिलाएं थीं जिन्हें करीब दो हजार रुपये महीना वेतन मिल रहा था.

पुलिस ने बताया आग लगने से इमारत में धुआं भर गया और जान बचाने के लिए कई लोगों ने खिड़कियों से छलांग लगा दी. पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि मैनेजरों और सुरक्षाकर्मियों ने इसके बाद भी कर्मचारियों से इमारत में काम पर वापस लौटने को कहा जबकि इमारत के निचले हिस्से से, जहां आग लगी थी, धुआं बराबर ऊपर जा रहा था.

फैक्टरी में अमेरिकी कंपनी वालमार्ट और यूरोप की सीएंडए समेत कई अन्य विदेशी कंपनियों के लिए कपड़े तैयार होते हैं. हादसे में घायल हुए करीब 200 कर्मचारियों को मुआवजा देने से भी कई विदेशी कंपनियों ने इनकार कर दिया. उनका कहना था कि उनके ऑर्डर गैर कानूनी तौर पर सप्लायर ने तजरीन फैक्टरी को दिए थे.

एसएफ/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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