बांग्लादेशी राष्ट्रपति की भारत यात्रा से उम्मीदें | दुनिया | DW | 19.12.2014
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दुनिया

बांग्लादेशी राष्ट्रपति की भारत यात्रा से उम्मीदें

बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत में हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सहयोग बढ़ाने और भूमि सीमा समझौते की मंजूरी पर बातचीत होगी.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति की भारत यात्रा 42 वर्ष बाद ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय संसद में दोनों देशों के बीच सीमा पर भूमि की अदला बदली संबंधी समझौते को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. भूमि सीमा समझौते पर 2011 में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के बीच सहमति बनी थी. इस समझौते के तहत भारत बांग्लादेश सीमा को फिर से निर्धारित किया जाएगा और पहले के मुकाबले ज्यादा सरल किया जाएगा.

इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी समझौते का समर्थन करने की बात कही है. दो साल पहले उन्होंने बिल के समर्थन से इनकार किया था. भारत के जमीन के छोटे छोटे 130 टुकड़े (एन्क्लेव) बांग्लादेशी भूमि से घिरे हैं, जिनमें से 111 की अदला बदली मुमकिन है. इसी तरह भारतीय क्षेत्र में बांग्लादेश के 92 एन्क्लेवों में से 51 की अदला बदली हो सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मुहम्मद अब्दुल हामिद के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सहयोग बढ़ाने को लेकर आज बातचीत की. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी राष्ट्रपति भवन पहुंच कर उनसे मुलाकात की और दोपहर में हैदराबाद हाउस में मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया. बातचीत में ऊर्जा क्षेत्र में बांग्लादेश के साथ सहयोग बढ़ाए जाने पर भी चर्चा हुई. वह आज भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भेंट करने से पहले उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद से भी मुलाकात कर रहे हैं.

वर्ष 1971 में अस्तित्व में आए बांग्लादेश के किसी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर उनके मेहमान बन कर आए बांग्लादेशी राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन में ठहराया गया है. प्रणब मुखर्जी ने गत मार्च में बांग्लादेश की यात्रा की थी. छह दिवसीय यात्रा के अंतर्गत गुरुवार दोपहर भारत पहुंचने पर हवाई अड्डे पर विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बांग्लादेशी राष्ट्रपति का स्वागत किया. मेहमान राष्ट्रपति ने कल सबसे पहले राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए.

वह शनिवार को आगरा जाएंगे, जहां वह ताजमहल, आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी का भ्रमण करेंगे. रविवार को अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढाएंगे और शाम को जयपुर के आमेर के किले एवं सिटी पैलेस का भ्रमण करेंगे. सोमवार को वह कोलकाता जाएंगे जहां राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात के बाद शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय जाएंगे. भारत ने राष्ट्रपति हामिद की इस यात्रा से बंगलादेश के साथ संबंध मजबूत बनने तथा सहयोग बढ़ने की आशा जताई है.

एसएफ/एजेए (वार्ता)

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