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खेल

बहरीन रेस से पहले की लड़ाई

इस अरब देश में कई लोगों को कार चुराने और उनमें आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. रविवार को यहां फॉर्मूला वन की रेस होनी है और लोकतंत्र के समर्थक इस मौके पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.

लोकतंत्र के हक में आवाज बुलंद करने वाले गुटों ने रविवार को होने वाली रेस के विरोध की व्यापक योजना बनाई है. इनमें मुख्य सड़कों को ब्लॉक करना भी शामिल है. सरकार पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले लोकतंत्र समर्थक नहीं चाहते कि रेस हो. कई ब्रिटिश सांसदों ने फॉर्मूला वन के प्रमुख बर्नी एकेल्सटन से बहरीन की रेस रद्द करने की मांग की है. एकेल्सटन ने भरोसा जताया कि रेस में कोई बाधा नहीं आएगी, "मुझे नहीं लगता कि जो लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं वो बुरे लोग हैं और मुझे यह भी नहीं लगता कि वो लोग फॉर्मूला वन रेस से जुड़े लोगों को कोई नुकसान पहुंचाएंगे."

देश में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन सरकार को उम्मीद है कि वह अमेरिका के सहयोगी देशों में शामिल होने की वजह से वह इस सबसे बड़े मुकाबले का सफल आयोजन करा लेगी. खाड़ी के इस अरब देश में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है. 2011 से ही यहां लोकतंत्र के लिए आवाज बुलंद हो रही है और इस विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कई लोगों की जान भी गई है. यहां शिया और सुन्नी मुस्लिमों में तकरार है जो वर्चस्व और हक की लड़ाई से जुड़ी है.

बहरीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया कि अधिकारियों ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने 14 अप्रैल को देश की आर्थिक राजधानी में एक कार के जलने और धमाका होने की घटना में शामिल होना कबूल किया है. चार दूसरे लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जिन पर कार चुराने और उन्हें जलाने का आरोप है. इसके अलावा एक शख्स को मुख्य रास्ता रोकने और एक कार को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.

शुक्रवार को दो अभ्यास रेसों के साथ रेस के कार्यक्रम की शुरुआत होगी. तीन बार से लगातार वर्ल्ड चैंपियन रह रहे रेड बुल के जर्मन ड्राइवर सेबास्टियन फेटल फिलहाल सत्र में 52 अंकों के साथ सबसे आगे बने हुए हैं. हालांकि 49 अंक लेकर लोटस के किमी रायकोनन, 43 अंकों के साथ फरारी के फर्नांडो अलोंसो और 40 अंक लेकर मर्सिडीज के लुइस हैमिल्टन ने भी गले तक की टक्कर बना रखी है.

2011 में बहरीन की साकिर डेजर्ट सर्किट में रेस रद्द कर दी गई थी. उस वक्त प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक दबाया गया और इस दौरान 35 लोगों की मौत हो गई थी. प्रदर्शनकारी मरने वालों की तादाद और ज्यादा बताते हैं. पिछले साल रेस हुई, हालांकि इस दौरान कई जगहों पर टायर जला कर विरोध जताया गया और पुलिस को पेट्रोल बम से हमला करती भीड़ पर आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. बहरीन के मुख्य विपक्षी दलों ने रेस से पहले प्रदर्शन तेज करने की अपील की है. उनका कहना है कि देश में सुधारों की मांग को दुनिया की नजर में लाने का यह अच्छा मौका है.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक रेस से पहले दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मध्यपूर्व और उत्तर अफ्रीका कार्यक्रम की उप निदेशक हसीबा हज साहरोई ने बयान जारी कर कहा है, "प्रशासन ग्रां प्री को प्रगति दिखाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता है, इस दावे के साथ कि मानवाधिकार की स्थिति बेहतर हुई है, इसी दौरान लोगों की नजर में कोई गड़बड़ी न आए इसके लिए दमन बढ़ा दिया गया है."

ह्यूमन राइट्स वॉच ने इसी महीने की 10 तारीख को कहा था कि सर्किट के पास 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिससे कि पिछले साल जैसा विरोध प्रदर्शन इस साल न हो सके. सरकार लोगों की गिरफ्तारी से इनकार कर रही है. सरकार ने विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग करने की बात से भी इनकार किया है. उनका कहना है कि कुछ संदिग्धों को कानून के आधार पर ही गिरफ्तार किया गया है.

एनआर/एजेए (डीपीए,रॉयटर्स)

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