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खेल

बस फुटबॉल से ब्राजील नहीं चलेगा

ब्राजील एक तरफ फुटबॉल टूर्नामेंट पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है दूसरी ओर देश में सार्वजनिक यातायात इतना महंगा है कि लोग परेशान है. सोमवार को देश में लाखों लोगों ने सड़कों पर निकल कर विरोध जताया और सरकार को चेतावनी दी.

रियो में युवा प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए लेकिन 20 सालों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुआ विरोध प्रदर्शन मोटे तौर पर शांति से गुजर गया. कंफेडरेशन कप और अगले साल के वर्ल्ड कप पर यह उभरता देश पानी की तरब पैसा बहा रहा है. देश में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है साथ ही गरीबों और अमीरों के बीच की खाई बढ़ती जा रही है ऐसे में परेशान लोग बड़े गुस्से के साथ सड़कों पर विरोध जताने आए. रियो और पोर्तो अलेग्रे में तोड़ फोड़ की गई. 18 साल का एक छात्र गंभीर रुप से जख्मी भी हो गया लेकिन अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. प्रदर्शनकारयों में शामिल 20 साल के डियो कोहेलो ने कहा, "मैं इसलिए आया हूं क्योंकि ब्राजील को जगाना चाहता हूं. यह सिर्फ यातायात के किराए में महंगाई के खिलाफ नहीं है बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमियों के खिलाफ भी है."

(मस्ती से पहले समस्याओं की आंधी)

पुलिस ने आंसू गैस, पेपर स्प्रे और रबर बुलेट का इस्तेमाल कर लोगों की भीड़ को तितर बितर करने की कोशिश की. कुछ लोगों ने इमारतों के शीशे तोड़े और टीवी पर दिख रही तस्वीरों में छोटी मोटी आग भी जलती दिखाई दी है. इन झड़पों में पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए और एक गाड़ी जला दी गई. रियो कंफेडरेशन कप की मेजबानी कर रहा है. पुलिस के मुताबिक यहां एक करीब एक लाख लोगों ने मार्च किया. ब्राजीलिया में करीब 200 युवाओं को थोड़ी देर के लिए हिरासत में लिया गया ये लोग नेशनल एसेंबली की छत पर चढ़ गए थे. बाद में करीब 5000 छात्रों ने कांग्रेस इमारत के इर्द गिर्द एक दूसरे का हाथ थाम कर चेन बनाई और विरोध जताया. बेलो होरिजोन्टे, क्यूरीटिबा और बेलेम में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए हैं. देश की आर्थिक राजधानी साओ पाओलो में भी करीब 65 हजार से ज्यादा लोगों ने शांति के साथ प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ ने कहा है, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन वैध हैं. युवाओं के लिए यह स्वाभाविक है कि वो प्रदर्शन करें."

रियो में मार्च कर रहे 24 साल की वकील डायना वेनान्सियो ने कहा, "मैं यह दिखाने आई हूं कि ब्राजील केवल फुटबॉल और पार्टी करने के लिए नहीं है. हमारी दूसरी चिंताएं भी है. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी चीजों में निवेश की कमी है."

इससे पहले खेल मंत्री एल्डो रिबेलो ने चेतावनी दी थी कि कंफेडरेशन कप और अगले साल वर्ल्ड कप के आयोजन का वचन सरकार ने दिया है और प्रदर्शनकारियों को इसमें बाधा डालने नहीं दिया जाएगा. दक्षिण अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश में जून 30 तक कंफेडरेशन कप चलेगा. इस तरह का विरोध प्रदर्शन सरकार की मुश्किल बढ़ा सकती है जो पहले ही बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रही है. साल की पहली तिमाही में विकास की रफ्तार धीमी है जबकि महंगाई मई महीने में 6.5 फीसदी तक पहुंच गई है. सरकार ने 10 दिन पहले सार्वजनिक यातायात का किराया बढ़ाने का फैसला किया. लोग पहले से ही परेशान है, इस इजाफे ने उन्हें और नाराज कर दिया. इस पर जब खेलों के आयोजन के लिए 15 अरब डॉलर देने की बात जब सरकार ने की तो लोगों के लिए घर में बैठना मुश्किल हो गया. शनिवार को तो कंफेडरेशन कप के उद्घाटन मैच के दौरान करीब 1000 प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ कर स्टेडियम के बाहर पहुंच गए और विरोध जताया.

एनआर/एएम (एएफपी, एपी)

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