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जर्मन चुनाव

बस्तियां बसती रहीं तो शांति उजड़ेगी

फलीस्तीनी स्वतंत्रता संगठन पीएलओ ने शनिवार को एक बैठक में तय किया है कि अगर इस्राएल फलिस्तीनी इलाकों में बस्तियां बनाना जारी रखता है तो फलिस्तीनी सरकार को सीधे इस्राएल के साथ शांति वार्ताएं बंद कर देनी चाहिए.

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लोग कहां जाएंगे?

पीएलओ की कार्यकारी समिति के महासचिव यासेर आबेद राबो ने कहा कि इस्राएल का बस्तियों के निर्माण पर और 10 महीने रोक न लगाना बेमतलब है. इस्राएली सरकार को शांति वार्ताओं के ठप्प होने और शांति प्रक्रिया में रोक लगाने की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी.

फलीस्तीनी चाहते हैं कि इस्राएल पश्चिम तट पर बस्तियों के निर्माण पर रोक लगाए. यह रोक पिछले रविवार तक लागू थी लेकिन इसे और बढ़ाया नहीं गया है. फलिस्तीनियों का कहना है कि अगर निर्माण पर रोक को और बढ़ाया नहीं गया तो शांति वार्ताएं बिलकुल बंद कर दी जाएंगी.

फलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबील अबू रूदेनेह ने कहा कि अब्बास ने मध्यपूर्व के लिए खास दूत जॉर्ज मिचेल को यह खबर दे दी है. रूदेनेह ने कहा कि अब तक सारी कोशिशें किसी न किसी तरह नाकाम हुई हैं. वह यूरोपीय संघ की विदेश सचिव कैथरीन ऐशटन और मिचेल की कोशिशों की ओर संकेत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बहुत कोशिश की है लेकिन इस्राएल अपनी तरफ से कुछ नहीं कर रहा.

इस्राएली राष्ट्रपति नेतन्याहू ने निर्माण को रोकने पर कोई बात नहीं कही है. आने वाले दिनो में अरब लीग के नेता बस्तियों के मुद्दे पर बैठक करेंगे. इसमें फलीस्तीन को समर्थन देने पर बात की जाएगी. फलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि वह अरब लीग की बैठक के बाद ही शांति वार्ताओं को लेकर अंतिम फैसला करेंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/एमजी

संपादनः वी कुमार

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