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खेल

बल्ले और भाग्य से मिलेगी जीत: कपिल

1983 का विश्वकप जिताने वाले कपिल देव मानते हैं कि अगर टीम इंडिया को वर्ल्ड कप 2011 जीतना है कि तो बल्लेबाजी पर ध्यान देना होगा. पूर्व कप्तान और हरफनमौला खिलाड़ी के मुताबिक हर मैच में टॉस की हार जीत भी अहम होगी.

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भारतीय उपमहाद्वीप पूरी तरह वर्ल्ड कप के बुखार में जकड़ता जा रहा है. भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में इन दिनों लाखों क्रिकेटप्रेमी हर टीम की नब्ज टटोल रहे हैं, काल्पनिक समीकरण बैठा और बिगाड़ रहे हैं. हर जगह महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली भारतीय टीम को वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है. लेकिन भारत के लिए 28 साल पहले एक मात्र वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान कपिल देव के मुताबिक टीम इंडिया की राह बहुत आसान नहीं है.

1983 में लॉर्ड्स के मैदान पर वेस्ट इंडीज जैसी मजबूत टीम को हराकर विश्व चैंपियन बनने वाले कपिल ने कहा, ''हमारी ताकत बल्लेबाजी है. हमें थोड़ा आशावादी भी होना होगा. भाग्य का भी खेल होता है, जैसे हर मैच में टॉस जीतना. अगर आप टॉस हार जाएं तो विपक्षी टीम 300 या इससे ज्यादा का लक्ष्य रख दे तो मुश्किल होगी.''

क्रिकेट की बारीकियों को समझाते हुए कपिल ने कहा कि भारत की ताकत बल्लेबाजी ही है. लिहाजा बल्लेबाजों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. अगर बल्लेबाज चलेंगे तो गेंदबाजों का काम आसान हो जाएगा. कपिल कहते हैं, ''अगर हम पहले बल्लेबाजी करने उतरे और हमने 300 या इससे ज्यादा रन बना दिए तो बाकी काम हमारे गेंदबाज कर देंगे. हम हर मैच जीत सकेंगे.''

इन बहसों और विचारों के बीच क्रिकेट प्रेमियों को अब 19 फरवरी की इंतजार हैं. 19 को भारत और बांग्लादेश वर्ल्ड कप के पहले मैच में आमने सामने होंगे. भारत ग्रुप बी में है. जहां उसका सामना इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों से है.

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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