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विज्ञान

बर्लिन में मुर्दों का शो

जर्मन राजधानी बर्लिन में विवादास्पद शवों को म्यूजियम में दिखाया जा रहा है. मेंशेन म्यूजियम में 18 फरवरी से शुरू हुई एक प्रदर्शनी में दर्शकों को मिल रहा है एक अनोखी मौका.

यह पहली बार है जब गूंटर फॉन हागेन्स की बनाई प्लास्टिनेशन तकनीक से सहेजे गए शवों की एक स्थायी प्रदर्शनी लगी है. बर्लिन में मेंशेन म्यूजियम में लगी इस प्रदर्शनी को रोकने की तमाम कोशिशें हुई थीं. यहां तक की म्यूजियम के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया गया है.

कई महीनों तक चली खींचतान के बाद बर्लिन में यह प्रदर्शनी शुरु हुई. बर्लिन टीवी टावर के ठीक नीचे स्थित इस प्रदर्शनी हॉल में उन विवादास्पद कलात्मक शवों को रखा गया है. यहां करीब 1,200 वर्ग मीटर के क्षेत्र में तकरीबन 20 मृत शरीर रखे गए हैं. इसके अलावा 200 के करीब प्लास्टीकेटेड शारीरिक अंगों को भी जगह मिली है. प्रदर्शनी का नाम है "फैसेट्स ऑफ लाइफ". शरीर विज्ञानी फॉन हागेन्स की कृतियों की यह पहली स्थायी प्रदर्शनी है. बीते 20 सालों से हागेन्स के काम को "बॉडी वर्ल्ड्स" के नाम से एक चलती फिरती प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया जाता रहा है.

मेंशेन म्यूजियम की क्यूरेटर अंगेलीना व्हेली शरीर विज्ञानी फॉन हागेन्स की पत्नी भी हैं. वह बताती हैं कि इस प्रदर्शनी का मकसद इंसानी जीवन के अलग अलग पहलुओं को एक खास अंदाज में दिखाना है. इनके साथ छोटे और सरल वैज्ञानिक विवरण भी दिए गए हैं जिससे दर्शकों को समझने में आसानी हो. इसके खिलाफ प्रोटेस्टेंट चर्च से लेकर बोर्ड ऑफ दि एनाटोमिकल सोसायटी तक ने अपना विरोध दर्ज कराया है. कई लोग इन शवों को इस तरह प्रदर्शित करने को अनैतिक मानते हैं. मामले के कानूनी पचड़े में पड़े होने के बावजूद प्रदर्शनी शुरु हुई है और इसके लिए म्यूजियम को बंद किए जाने की भी कोशिश हो रही है.

आरआर/एसएफ (डीपीए)

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