बर्लिन को मिल सकता है फलीस्तीनी मेयर | दुनिया | DW | 02.10.2014
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दुनिया

बर्लिन को मिल सकता है फलीस्तीनी मेयर

बर्लिन शहर का मेयर बनने एक खास उम्मीदवार खड़े हुए हैं. 37 साल के रायद सालेह अगर चुनाव जीत गए तो वह बर्लिन के पहले विदेशी मूल के मेयर होंगे.

बर्लिन के मेयर कुछ अलग से होते हैं. 13 साल पहले वर्तमान मेयर क्लाउस वोवेराइट ने एलान किया था कि वह समलैंगिक हैं लेकिन फिर भी मेयर चुने गए. यह बर्लिन की प्रगतिशील परंपरा का सबूत है और अब बारी है फलीस्तीनी रायद सालेह की.

'गरीब लेकिन सेक्सी'

सालेह की पैदाइश पश्चिमी तट की है और पांच साल की उम्र में वह बर्लिन के उस हिस्से में पहुंचे जो पश्चिमी देशों के नियंत्रण में था. उस वक्त पश्चिम जर्मनी की राजधानी बॉन हुआ करती थी. मेहनती सालेह ने अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष किया. उनका पेशेवर जीवन बर्गर किंग से शुरू हुआ. फिर उन्होंने प्रिंटिंग सर्विसेस वाली एक कंपनी शुरू की.

बर्लिन दुनिया भर में प्रवासी समुदायों का गढ़ है. सालेह बताते हैं, "इस वक्त कई ऐसे लोग हैं जिन्हें लगता है कि वह इस समाज का हिस्सा नहीं हैं." प्रवासी समुदायों में तुर्की और मध्यपूर्व देशों के कई लोग हैं जो काफी गरीब हैं और जर्मन समाज के हाशिए पर रहते हैं.

सालेह अपने शहर में कानून की स्थिति को भी बेहतर बनाना चाहते हैं. हाल ही में गजा युद्ध के दौरान इस्राएल के खिलाफ प्रदर्शनों के बारे में सालेह कहते हैं, "आपका अगर अलग नजरिया है तो आप यह कह सकते हैं, लेकिन यहूदियों के लिए नफरत को सही नहीं ठहराया जा सकता."

एक नया इतिहास

Raed Saleh und Klaus Wowereit

क्लाउस वोवेराइट के साथ रायद सालेह

सालेह का कहना है कि उनका चुना जाना कई लोगों के लिए उम्मीद की किरण जगाएगा, "यह एक बहुत बड़ा संकेत होगा और हम बर्लिन में एक साथ मिलकर इतिहास रचेंगे." सालेह ने अपने चुनाव प्रचार में कहा है कि वह शिक्षा पर ध्यान देंगे और शहर में और कंपनियों को लाने की कोशिश करेंगे. इस वक्त बर्लिन हाई टेक कंपनियों के लिए एक खास जगह बन रहा है. लेकिन शहर औद्योगिक स्तर पर कमजोर है और उसकी वित्तीय हालत काफी खराब है. मेयर वोवेराइट खुद अपने शहर को "गरीब लेकिन सेक्सी" बताते हैं.

इस वक्त के मेयर क्लाउस वोवेराइट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं. रायद सालेह ने भी 18 साल की उम्र में पार्टी की सदस्यता ली. अगस्त में वोवेराइट ने एलान किया कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं. अब सोशल डेमोक्रैट्स सालेह और दो और उम्मीदवारों में से बर्लिन मेयर के उम्मीदवार को चुनेंगे. दिसंबर में बर्लिन की विधान सभा नया मेयर चुनेगी.

अगर सालेह जीतते हैं तो उन्हें दो साल के लिए मेयर बनाया जाएगा क्योंकि अभी के मेयर वोवेराइट वक्त से पहले इस्तीफा दे रहे हैं. सालेह को फिर अगले चुनाव में अपनी छवि को संवारने का पूरा समय और मौका मिलेगा.

एमजी/एएम (एपी)