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मनोरंजन

बदलाव का प्रतीक कोंचीटा वुर्स्ट

लंबे बाल, बड़ी बड़ी आंखें, ढेर सारा मेकअप और दाढ़ी. कॉनचीटा वुर्स्ट को पहली बार देख कर लोग हैरान रह जाते हैं. यूरोप की संगीत प्रतियोगिता यूरोविजन जीतने के बाद कोंचीटा वुर्स्ट ने बदलाव का माहौल बना दिया है.

डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन में यूरोविजन का खिताब जीत कर जब कोंचीटा अपने देश ऑस्ट्रिया पहुंची तो उनका पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया गया. वियना में उन्हें देखने के लिए 10,000 लोग जमा हुए. चांसलर के दफ्तर के बाहर भव्य समारोह का आयोजन किया गया. जितनी उम्मीद थी उस से कई ज्यादा लोग वहां पहुंचे, जिस कारण लोगों को स्क्वायर से हट कर साथ वाले पार्क में जगह तलाशनी पड़ी. लोग परिवार समेत यहां पहुंचे और कोंचीटा का उत्साह बढ़ाने के लिए अपने चेहरों पर दाढ़ी भी लगा कर आए. कोंचीटा ने जब अपना गाना 'राइज लाइक अ फीनिक्स' गाया तो पूरी जनता उनके साथ साथ गुनगुनाती रही. इसी गाने ने उन्हें यूरोविजन जिताया.

ऑस्ट्रिया को काफी रूढ़िवादी देश माना जाता है. ऐसे में वहां एक ऐसे व्यक्ति का लोकप्रिय हो जाना जो समलैंगिकों का प्रतीक बन रहा है, एक बड़ी बात है. इस मौके पर ऑस्ट्रिया के चांसलर वैर्नर फेमन ने भी कोंचीटा की तारीफ की और उन्हें "सहनशीलता, प्रेम और हर्ष" का प्रतीक बताया. भावुक कोंचीटा ने नम आंखों से कहा कि वह यह देख कर बहुत खुश हैं कि वह अकेली नहीं हैं. उन्होंने कहा, "यह मेरी नहीं, उन सब लोगों की जीत है जो एक प्रगतिशील भविष्य में विश्वास रखते हैं."

नकाब के पीछे

यूरोविजन सॉन्ग कॉन्टेस्ट में किसी भी तरह की राजनीतिक टिप्पणियां करने की इजाजत नहीं है. डॉयचे वेले की वरिष्ठ संपादक नादिया शॉल्त्स कहती हैं कि कई बार अपना संदेश पहुंचाने के लिए शब्दों की जरूरत नहीं होती और कोंचीटा वुर्स्ट ने यह कर दिखाया है. कोंचीटा वुर्स्ट का असली नाम थोमस नॉयविर्थ है. 25 साल के थोमस ने दुनिया भर के सामने अपने समलैंगिक होने का ऐलान इतने अलग अंदाज में किया है कि उनका किस्सा सभी की जुबान पर छाया हुआ है.

अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा, "मुझे अब यकीन हो गया है कि ऐसे लोग हैं जो भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं, जो अपने कदम पीछे खींच कर अतीत में अटके नहीं रहना चाहते." नादिया शॉल्त्स कहती हैं कि यह एक बहुत बड़ी राजनीतिक टिप्पणी है, "वह सवाल उठा रही हैं कि यूरोप में किस तरह के मूल्यों पर जोर देने की जरूरत है."

उदार यूरोप

यूरोविजन में यूरोप भर के देशों से प्रतिनिधि आते हैं. विजेता का चुनाव जनता करती है. वैसे ही जैसे इंडियन आयडल या किसी अन्य टैलंट हंट में फोन और एसएमएस के वोट के जरिए होता है. कोंचीटा जब प्रतियोगिता में शामिल हुईं तो लोग हैरान रह गए. इस बात की उम्मीद नहीं की जा रही थी कि उन्हें इतनी बड़ी संख्या में वोट मिलेंगे.

नादिया शॉल्त्स का कहना है, "औरों से अलग होना, अलग दिखना, ये यूरोविजन में जीत हासिल करने के पुराने नुस्खे हैं. लेकिन इस बार बात उससे कुछ बढ़ कर थी. कोंचीटा वुर्स्ट के गाने ने यह सवाल उठाया कि यूरोपीय समाज कितना उदार है. और लोगों के चुनाव ने जवाब दे दिया है कि जितना हम सोचते हैं, दरअसल यूरोप उससे कई गुना ज्यादा उदार है."

रिपोर्ट: ईशा भाटिया (एपी)

संपादन: महेश झा

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