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दुनिया

बताइए बलात्कार रोकने का कानून कैसा हो

भारत सरकार ने राजनीतिक दलों से पूछा है कि देश में बलात्कार को रोकने के लिए कैसा कानून बनाया जाए. राजनीतिक दलों से कानून की समीक्षा और बदलाव पर सुझाव देने के लिए बनी वर्मा कमेटी को सलाह देने की अपील.

सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेताओं को लिखी चिट्ठी में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली में हुए बलात्कार कांड का जिक्र करते हुए उनसे सलाह देने को कहा है. शिंदे के मुताबिक सरकार बलात्कार के जघन्य मामलों के लिए मौजूदा कानून की समीक्षा को बेहद जरूरी मान रही है.

सरकार ने इसके लिए इसी महीने की 23 तारीख को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस जे एन वर्मा की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है. कमेटी से कहा गया है कि मौजूदा कानूनों की समीक्षा के अलावा वह ऐसे बदलाव का खाका तैयार करे जिससे कि बलात्कार के मामलों में तुरंत मुकदमा चले और दोषियों को ज्यादा कड़ी सजा दी जा सके. तीन सदस्यों वाली इस कमेटी को 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है.

सुशील कुमार शिंदे ने राजनेताओं को लिखे पत्र में कहा है, "मैं बहुत आभारी रहूंगा और आपके विचारों को कमेटी तक ले जाउंगा जिससे कि कमेटी अपने सुझाव तैयार करते समय उन्हें ध्यान में रखे. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप जितनी जल्दी हो सके अपने विचार भेज दें ताकि कमेटी अपने निर्देशों को जल्दी से तैयार कर सके." जस्टिस वर्मा की कमेटी का दफ्तर विज्ञान भवन की एनेक्सी में बनाया गया है और कमेटी को सुझाव या सलाह देने के लिए ईमेल या फोन के जरिए संपर्क किया जा सकता है.

मौजूदा कानून के तहत बलात्कार के मामले में ज्यादा से ज्यादा उम्र कैद की सजा हो सकती है. 16 तारीख को जिस लड़की के साथ बलात्कार हुआ उसमें आरोपियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर दी. पीड़ित लड़की की मौत के बाद अब भले ही उन्हें ज्यादा कड़ी सजा मिल सके लेकिन अगर उसकी जान बच जाती तो शायद आरोपियों को कठोर सजा दे पाना मुमकिन नहीं हो पाता, क्योंकि कानून में इसका प्रावधान नहीं है. देश में आम लोगों का गुस्सा इसी बात से भड़का हुआ है.

इस बीच गृह मंत्रालय ने देश के गृह सचिव के नेतृत्व में एक 13 सदस्यों का टास्क फोर्स बनाने का एलान किया है. यह टास्क फोर्स राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा की महीने में दो बार समीक्षा करेगी और नियमित रूप से दिल्ली पुलिस के कामकाज पर नजर रखेगी. इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के उठाए कदमों की भी समीक्षा की जाएगी.

कांग्रेस पार्टी की प्रमुख सोनिया गांधी ने लोगों का गुस्सा भड़कने के बाद महिलाओं की सुरक्षा और बलात्कार की घटनाओं पर चिंता जताई. सोनिया गांधी ने सरकार को सुझाव दिया है कि महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध के मामलों में सख्त कानून बनाया जाए और दोषियों को ज्यादा बड़ी सजा मिल सके ऐसा उपाय किया जाए. प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस तरह के अपराध के लिए दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की है और कानून में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है.

एनआर/एमजे (पीटीआई)

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