1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

बढ़ रही है जर्मनी में संभावित हमलावरों की संख्या

पेरिस हमले के बाद पूरे यूरोप में बड़े आयोजनों के सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की जा रही है. जर्मन संघीय पुलिस प्रमुख होल्गर मुंच के मुताबिक देश में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जिनसे आतंकी हमले का खतरा हो सकता है.

जर्मन संघीय पुलिस के प्रमुख होलगर मुंच ने राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि पुलिस ऐसे 750 लोगों को जानती है जो जर्मनी से इराक और सीरिया युद्द में हिस्सा लेने गए थे. उन्होंने बताया कि उनमें से एक तिहाई लोग वापस भी आ गए हैं. पिछले दिनों पेरिस में हुए आतंकी हमले में 129 लोगों के मारे जाने के बाद जर्मनी में मौजूदा हालात के बारे में मुंच ने कहा कि उन्हें दो बातों की चिंता है.

माइंस में हुई एक सुरक्षा कांफ्रेंस में मुंच ने कहा, "पहला, मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना और इस्लामी कट्टरपंथियों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क." और "दूसरा है इस्लामी कट्टरपंथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सवाल कि हम इससे कैसे निबटेंगे."

मुंच ने बताया कि इराक और सीरिया जाने वाले 750 लोगों में करीब डेढ़ सौ महिलाएं थीं जो कि अब उन दोनो देशों में रह रही हैं. उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, पुलिस के लिए संभावित खतरों पर नजर रखना और अपराध को रोकना उतना ही मुश्किल होगा." सुरक्षा चिंताओं के कारण पेरिस हमलों के बाद मंगलवार शाम को हैनोवर में होने वाले जर्मनी और नीदरलैंड्स के मैत्री फुटबॉल मैच को बम होने की अफवाह के कारण रद्द कर दिया गया था.

पेरिस में आतंकी हमले के बाद से पूरे यूरोप में ही सुरक्षा को लेकर चिंता है. हमलों के बाद फ्रांसीसी पुलिस ने जगह जगह दबिश डाल रही और संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले रही है. मुंच ने कहा इस बात के अब तक कोई प्रमाण नहीं हैं कि जर्मनी में आतंकवाद फैलाने के लिए जिहादी समूह शरणार्थियों की जर्मनी आ रही बड़ी तादाद का फायदा उठा रहे हैं.

एसएफ/एमजे (रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री