बड़बोले रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप | दुनिया | DW | 11.08.2015
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दुनिया

बड़बोले रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के चुनाव अभियानों में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का असली चेहरा सामने आता है. रिपब्लिकन उम्मीदवारी की रेस में आगे चल रहे निडर और चंचल टीवी होस्ट डोनाल्ड ट्रंप का अपनी बेबाक टिप्पणी के कारण भारी विरोध हो रहा है.

कुछ भी बोल देने की छवि वाले अरबपति ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इंकार कर रिपब्लिकन चुनाव अभियान के लिए समस्या पैदा कर दी है. उन्होंने संकेत दिया था कि एक डिबेट के दौरान उनसे कठिन सवाल पूछने वाली एंकर मेगिन केली ऋतुस्राव से गुजर रही थी. सोमवार को ट्रंप ने एक टीवी चैनल पर कहा, "उन्हें मुझसे माफी मांगनी चाहिए." रविवार को ट्रंप ने अपनी टिप्पणी का बचाव किया था जिसमें उन्होंने मेगिन केली के सवाल पूछने के बारे में कहा था, "उनकी आंखों से और जहां कहीं से भी खून निकल रहा था."

डोनाल्ड ट्रंप अपनी विद्रोही अदा और हाजिरजवाबी के कारण समर्थन जीतकर रिपब्लिकन रेस में ऊपर जा पहुंचे हैं और संभावित डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराने में सक्षम गंभीर उम्मीदवार के उभरने का इंतजार कर रहे पार्टी नेतृत्व के अंदर डर पैदा कर दिया है. क्लिंटन ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि इस शख्स ने सारी सीमाएं तोड़ दी, आक्रामक, घृणित, आप अपना विशेषण चुन लें." क्लिंटन ने मौके का इस्तेमाल रिपब्लिकन पार्टी पर हमले के लिए करते हुए कहा, "महिलाओं के बारे में बाकी रिपब्लिकन सदस्य जो कह रहे हैं, वह भी वीभत्स है."

ट्रंप का कहना है कि वॉशिंगटन राजनीतिक रूप से सही होने के चपेट में है और वे व्हाइट हाउस की रेस में साफगोई का डोज लेकर आए हैं. लेकिन क्या यह अमेरिका का समर्थन जीतने के लिए काफी होगा? पहले भी राष्ट्रपति उम्मीदवारों की मदद कर चुके रिपब्लिकन रणनीतिकार ब्रायन मैकक्लंग कहते हैं, "राजनीतिक तौर पर सही होने से बचना और बेवकूफी में फर्क है." उनका कहना है कि रिपब्लिकन नेताओं को ट्रंप के ब्रांड वाली बेवकूफी के खिलाफ खड़ा होना होगा और बोलना होगा.

लेकिन विवादास्पद बहस के बाद आए पहले एक्जिट पोल के नतीजे दिखाते हैं कि ट्रंप की लोकप्रियता पर उनके बड़बोलेपन का कोई असर नहीं हुआ है. बहस में उन्हें सबसे ज्यादा 19 प्रतिशत सम्रथन मिला जबकि जेब बुश को 11 प्रतिशत समर्थन मिला. जानकारों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप अब चुनाव अभियान के अधिक मुश्किल दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जो उनके राजनीतिक इरादों पर बढ़ते संशय, उनके अतीत की गहन जांच और उनकी बैकअप योजना पर चिंताओं द्वारा प्रभावित होगा.

वीकएंड में कंजरवेटिव पार्टी के हाई प्रोफाइल सेमिनार के लिए ट्रंप का निमंत्रण वापस ले लिया गया. जेब बुश ने अटलांटा में हुए सेमिनार में ट्रंप पर हमला करते हुए कहा, "क्या हम 53 प्रतिशत मतदाताओं का अपमान करना चाहते हैं." उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप ने जो कहा वह सही नहीं था. हम चुनाव इस तरह नहीं जीतते." दूसरे प्रतिद्वंद्वी भी चुप नहीं हैं. एकमात्र महिला उम्मीदवार कार्ली फियोरीना ने केली के खिलाफ "पूरी तरह अनुचित और आक्रामक" टिप्पणियों के लिए ट्रंप की आलोचना की. सिनेटर रैंड पॉल ने टी पार्टी समर्थकों को चेतावनी दी कि वे ट्रंप का समर्थन नहीं करें और कहा, "वे देश का नेतृत्व करने के काबिल नहीं है."

एमजे/आईबी (एएफपी)

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