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दुनिया

बटलर के लिए तोहफा लाए सैंटा पोप

क्रिसमस के मौके पर पोप ने अपने बटलर को माफ करने का एलान किया है. शनिवार को पोप अचानक ही जेल पहुंचे और बटलर को रिहा करने के आदेश दिए. बटलर ने पोप की जानकारियों लीक की थी.

वैटिकन में काम किस तरह से होता है इसे वैसे भी हमेशा राज रखा जाता है. इसी तरह शनिवार को जब पोप अपने बटलर से मिलने जेल पहुंचे तो इसकी खबर भी कुछ चुनिंदा लोगों को छोड़ कर किसी को नहीं थी. वैटिकन के प्रवक्ता फादर फेडेरिको लोम्बारदी ने बताया कि पोप ने बटलर पाओलो गाब्रिएल से अकेले में 15 मिनट बात की और उसके बाद उसे अपने परिवार के पास लौट जाने को कहा.

पाओलो गाब्रिएल को अक्टूबर को पोप के अहम दस्तावेजों को चुराने के आरोप में जेल भेजा गया था. वैटिकन में उस पर मुकदमा चलने के बाद उसे 18 महीने की कैद की सजा सुनाई गयी थी. लेकिन पोप ने क्रिसमस से पहले ही उसे रिहा करने का फैसला ले लिया. फादर लोम्बारदी का इस पर कहना है, "उन्होंने पिता की तरह बर्ताव किया है. उस व्यक्ति के साथ जिसके साथ कई सालों तक उन्होंने अपना पूरा दिन बिताया है."

गाब्रिएल उन चुनिंदा लोगों में से था जो हर समय पोप के इर्द गिर्द रहते हैं. पोप को खाना परोसने से लेकर, उन्हें तैयार करने और उनके दस्तावेजों का ध्यान रखने तक वह सब करता था. वह उन दस लोगों में से था जिनके पास उस लिफ्ट की चाबी थी जो सीधे पोप के कमरे तक ले जाती है. पोप के लिए दस्तावेजों की कॉपियां निकालना भी उसी का काम था.

Vatileaks Prozess

कोर्ट में बटलर गाब्रिएल


मई में पुलिस ने उसे तब हिरासत में लिया जब यह बात सामने आई कि उसने कई दस्तावेजों की कॉपियां अपने पास रखी हुई हैं. इसके अलावा उसके पास से कई ऐसे कागजात भी बारामद हुए जिन्हें पोप ने नष्ट कर देने को कहा था. वैटिकन में उसके मकान से एक हजार से ज्यादा ऐसे दस्तावेज मिले.

हालांकि अदालत में अपने बचाव में गाब्रिएल ने कहा कि वह खुद को चोर नहीं मानता और उसने जो भी किया वह पोप को धोखा देने के लिए नहीं, बल्कि उनसे और चर्च से प्यार के कारण किया है. उसे इस बात का गुस्सा था कि वैटिकन में किस हद तक भरष्टाचार फैला हुआ है. वह बताना चाहता था कि किस तरह से पोप के आस पास मौजूद लोग उन्हें अंधेरे में रख रहे हैं. वैटिकन में किस तरह से काम होता है, यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती. लेकिन इस मुकदमे के दौरान वैटिकन के कई राज खुले. इसीलिए यह मामला 'वैटीलीक्स' के नाम से भी चर्चित हुआ.

पोप ने 46 साल के गाब्रिएल को माफ तो कर दिया है, पर उसे अब वहां काम करने की अनुमति नहीं है. हालांकि फादर लोम्बारदी के अनुसार चर्च उसे नई नौकरी ढूंढने और नए जीवन की शुरुआत करने में मदद करेगा, "यह क्रिसमस के माहौल में एक हैप्पी एंडिंग है."

गाब्रिएल के साथ साथ पोप ने एक दूसरे व्यक्ति क्लॉडियो सियारपेलेती को भी माफ कर दिया है. क्लॉडियो वैटिकन में कंप्यूटर टेक्नीशियन था. गाब्रीएल की मदद करने के आरोप में उसे दो महीने की कैद की सजा दी गई थी.

आईबी/ओएसजे (डीपीए, रॉयटर्स)

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