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दुनिया

बजट के खिलाफ दायर याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई

इस वर्ष बजट हर साल के मुकाबले समय से पूर्व पेश किया जा रहा है, जिसके खिलाफ ऩ्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई अगले हफ्ते मुकर्रर की गई है.

उच्चतम न्यायालय अगले हफ्ते की शुरुआत में बजट की पेशगी के विरोध में दायर याचिका पर सुनवाई करेगा. केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाना है जिसके विरोध में यह याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता का तर्क है कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बजट देर से पेश किया जाना चाहिए. याचिका में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि केंद्र में काबिज एनडीए सरकार बजट में लोकलुभावन वादे कर चुनाव परिणामों पर असर डाल सकती है. याचिका में कहा गया है चुनाव नियमों के अंतर्गत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में काबिज सरकार को ऐसी छूट नही मिल सकती.

ऐसी भी बातें सामने आ रहीं हैं कि सरकार 20 करोड़ की जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए ये सब कर रही है. याचिका दायर करने वाले वकील एमएल शर्मा का कहना है कि तमाम राज्यों में होने वाले चुनावों के चलते बजट को अप्रैल में पेश किया जाना चाहिए. शर्मा ने कहा है कि जब तक मतदान पूरा नहीं हो जाता, सरकार को चुनाव वाले राज्यों पर किसी भी घोषणा से बचना चाहिए ताकि आर्दश आचार संहिता का उल्लंघन न हो.

उत्तरप्रदेश में 11 फरवरी से शुरू हो रही मतदान प्रक्रिया सात चरणों में पूरी होगी. इसके साथ ही चुनाव पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में भी होने वाले हैं. जिनके परिणाम 11 मार्च में घोषित किए जाने हैं.

पिछली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने याचिकाकर्ता से सवाल किया था कि आप बताइए कि सरकार ने इस मामले में कौन से कानून का उल्लंघन किया है?  संविधान के कौन से प्रावधान का उल्लंघन है? आप इस बारे में तमाम तैयारी कर कोर्ट को बताएं.

सोमवार को एक बार फिर कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा, लेकिन अब तक ये साफ नहीं है कि इस मामले में कितनी तेजी से कोई निर्णय लिया जाएगा. वहीं दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय बजट डॉक्यूमेंट की छपाई का काम शुरू कर चुका है.

एए/ओएसजे (रॉयटर्स)

 

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