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दुनिया

बच्चों पर यौन बीमारियों का खतरा

भारत के बड़े शहरों में ज्यादातर बच्चे 14 साल की उम्र में ही पहली बार यौन संपर्क के दायरे में आ रहे हैं. करीब नौ फीसदी मामलों में तो बच्चों को यौन संबंधों से जुड़ी बीमारी भी हुई.

भारतीय अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने मेडिएंजेल्स के सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे भारत के 20 बड़े शहरों में कराया गया. इस दौरान 13 से 19 साल के 15,000 बच्चों, किशोरों और युवाओं से सवाल किये गए. अंत में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए. लड़के औसतन 13.72 साल की उम्र में पहली बार यौन संपर्क कर रहे हैं. लड़कियों में यह उम्र 14.09 साल है.

मेडिएंजेल्स डॉट कॉम के डॉक्टर देबराज शोम के मुताबिक, "2011-12 की नैको (नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) की वार्षिक रिपोर्ट बताती हैं इस उम्र समूह में एसटीडी (यौन जनित बीमारियां) और एचआईवी के दोगुने मामले सामने आए, यह चेतावनी भरा संकेत है." करीब डेढ़ दशक पहले जब अमेरिकी नेशनल काउंसिल ऑफ इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि 2010 तक भारत में एड्स के 2-2.5 करोड़ मामले होंगे तो देश में हड़कंप मच गया था. इसकी वजह से नैको के नेतृत्व में स्कूलों में एड्स शिक्षा अभियान शुरू किया गया.

Kalkutta Kolkata Sexualerziehung Workshop Lehrer NGO Indien Bengali

पश्चिम बंगाल में टीचरों को सेक्स शिक्षा की ट्रेनिंग दी गई.

नैको के अनुसार इस कार्यक्रम का मकसद किशोरों को बढ़ने की प्रक्रिया के मुद्दों पर जानकारी देना और भावी जीवन के लिए तैयार करना है. एचआईवी और एड्स के बारे में जानकारी देने के लिए विज्ञापनों और प्रौढ़ शिक्षा का इस्तेमाल किया गया. इस नीति के तहत हाई स्कूलों में भी सेक्स शिक्षा को शामिल करने की बात थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया है. भारत विश्व की सबसे ज्यादा किशोर आबादी वाला देश होने के बावजूद इस मामले में कई सारी चुनौतियों का सामना कर रहा है.

ताजा सर्वे भारतीय विज्ञान एवं तकनीक विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक हेल्थकेयर देने वाली कंपनी मेडिएंजेल्स से कराया. रिपोर्ट के मुताबिक, "सर्वे में शामिल लोगों में 6.3 फीसदी से ज्यादा लड़के और 1.3 फीसदी से ज्यादा लड़कियों ने कम से कम एक बार सेक्स संबंध बनाए. लड़कों में पहली बार सेक्स करने की औसत उम्र 14 साल है और लड़कियों में 16 साल." किशोरों में असुरक्षित यौन संबंधों से जुड़ी बीमारियां बड़ी चिंता हैं. भारतीय परिवार नियोजन संघ की अमिता धानु ने कहा कि, "इस उम्र समूह में गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करीब करीब नहीं के बराबर है."

बड़े महानगरों में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां कुछ किशोर कई महिलाओं से सेक्स संबंध बना रहे हैं और बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यौन शिक्षा के अभाव में बच्चों पर यौन जनित बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.

ओएसजे/एमजे

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