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मनोरंजन

बच्चों के लिए डरावना है 'मोगली'

बचपन में 'दि जंगल बुक' के ​मो​गली के किरदार से रोमांचित होने वाले भारतीयों को अब अपने बच्चों को 'दि जंगल बुक' के नए मोगली से मिलाने उनके साथ जाना होगा. सेंसर बोर्ड ने नई 'दि जंगल बुक' को 'यू/ए' सर्टिफिकेट दिया है.

भारतीय सेंसर बोर्ड का मानना है कि स्पेशल इफेक्ट दे कर इस फिल्म में जानवरों को बेहद डरावना दिखाया गया है. ऐसे में 12 साल से कम उम्र के बच्चों को अगर फिल्म देखनी है तो उन्हें अपने मम्मी-पापा के साथ सिनेमा हॉल जाना होगा.

रूडयार्ड किप्लिंग की किताब 'दि जंगल बुक' पर 1967 में एनिमेशन के जरिए बनी वॉल्ट डिज्नी की फिल्म दि जंगल बुक को एक बार फिर से पर्दे पर उतारा गया है. भारत में ये फिल्म शुक्रवार को ​रिलीज हुई.

Deutschlandpremiere von The Jungle Book im Zoo (Palast)

अमेरिका में भी पीजी रेटिंग के साथ रिलीज

सेंसर बोर्ड की ओर से फिल्म को 'यू/ए' सर्टिफिकट देने को वाजिब बताते हुए अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने कहा, ''ये अभिवावाकों को तय करना है कि ये​ 3डी इफेक्ट उनके बच्चों पर कितना प्रभाव डालेंगे.''

लेकिन फिल्म को यूए सर्टिफिकेट दिए जाने से हर कोई सहमत नहीं है. बॉलीवुड के प्रोड्यूसर मुकेश भट्ट के मुताबिक इस फिल्म को 'यू/ए' सर्टिफिकेट देना शर्म की बात है. वहीं बॉलिवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने भी फिल्म को दिए गए सर्टिफिकेशन को ''अविश्वसनीय'' बताया है.

हालांकि ये फिल्म अमेरिका में भी पीजी रेटिंग के साथ रिलीज हो रही है. पीजी रेटिंग यानि पेरेंटल गाइडेंस की वजह फिल्म में मौजूद यही कुछ डरावने दृश्य हैं.

पिछले साल भारतीय सेंसर बोर्ड ने जेम्स बांड सीरीज की फिल्म स्पेक्टर को भारत में रिलीज करने से पहले फिल्म के एक किसिंग सीन को छोटा कराने के आदेश दिए थे. इस पर सेंसर बोर्ड को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

आरजे/ओएसजे (एपी, पीटीआई)

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