1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

विज्ञान

बच्चों के लिए खतरनाक लॉन्ड्री पॉड्स

कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट पॉड्स या गोलियां बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती हैं. अमेरिका में छह साल से छोटे बच्चों द्वारा रंग बिरंगी गोलियों को निगलने की रिपोर्टों के बीच रिसर्चरों ने यह चेतावनी दी है.

कपड़े धोने के हिसाब से पाउडर डिटर्जेंट का इस्तेमाल होता है कभी कम कपड़ों के लिए ज्यादा डिटर्जेंट भी गिर जाते हैं लेकिन डिटर्जेंट पॉड्स या गोलियों की खासियत यह कि वह मशीन में एक लोड कपड़े के लिए सटीक होते हैं. 2010 से अमेरिका के बाजार में डिटर्जेंट गोलियां दुकानों में बिक रही हैं. कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले तरल डिटर्जेंट या डिटर्जेंट पाउडर की तरह इसे मापने की जरूरत नहीं होती.

एक शोध से पता चला है कि 2012 से 2013 के बीच अमेरिकी पॉयजन कंट्रोल को सत्रह हजार घटनाएं सूचित की गई, जिनमें छह साल से कम्र उम्र के बच्चे डिटर्जेंट रसायनों के संपर्क में आए. यह हर घंटे एक बच्चे के संपर्क में आने के बराबर है. शोध के सह लेखक और नेशनवाइड चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के टॉक्सिोकोलॉजी प्रमुख मार्सेल कसावंत के मुताबिक, "लॉन्ड्री डिटर्जेंट पॉड्स छोटे और रंग बिरंगे होते हैं और छोटे बच्चों को यह कैंडी या जूस की तरह लग सकते हैं. बच्चों को इसे लेने में कुछ ही सेकेंड लग सकता है, बच्चे पैकेट को फाड़ सकते हैं और उसको निगल सकते हैं या फिर आंखों में जहरीले रसायन गिर सकते हैं."

Gefährliche Produkte 2011 Flash-Galerie

एक मामले में एक बच्चे की मौत हो गई जबकि 769 बच्चों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा. यह हर दिन में एक से ज्यादा है. दो तिहाई मामले एक या दो साल के बच्चों में हुए. नेशनवाइड चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल ने चेतावनी दी है कि जो बच्चे कैपसूल को मुंह में रखते हैं वह बहुत ही जल्दी गाढ़े रसायनों की बड़ी मात्रा निगल सकते हैं.

शोध में पाया गया कि करीब आधे बच्चों (48 फीसदी) ने रसायन को निगलने के बाद उल्टी की. अन्य प्रभावों में खांसना, दम घुटना, आंखों में दर्द और सुस्ती शामिल है. ज्यादातर डिटर्जेंट कैप्सूल साफ और आराम से खुलने लायक पैकेट में मिलते हैं. शोध के लेखकों का कहना है कि ऐसे डिर्जेंट पॉड्स को इस तरह से तैयार करना चाहिए जिससे बच्चे इसे खोल नहीं पाए और सुरक्षात्मक उपाय होने चाहिए.

एए/एमजे (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री