बच्चों का यूट्यूब | विज्ञान | DW | 24.02.2015
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विज्ञान

बच्चों का यूट्यूब

दिग्गज इंटरनेट कंपनी यूट्यूब ने बच्चों के लिए खास ऐप लॉन्च किया. ऐप बच्चों को इंटरनेट पर अश्लील और भड़काऊ सामग्री से बचाएगा.

यूट्यूब के आधिकारिक ब्लॉग पर कंपनी के प्रोडक्ट मैनेजर शिमरिट बेन-याएर ने कहा, "यूट्यूब को परिवार के लिहाज से फिर से रचा जा रहा है, यह उस दिशा में पहला कदम है."

इन दिनों भाग दौड़ भरी जिंदगी में मां बाप के पास बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं होता. बदलती तकनीक के चलते बच्चे भी अब कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. यहीं एक बड़ा खतरा छुपा है. बच्चे अक्सर पोर्नोग्राफी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और जालसाजी के शिकार भी हो जाते हैं. यही वजह है कि अभिभावकों को खासा सतर्क रहना पड़ता है.

यूट्यूब इंटरनेट को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना चाहता है. कंपनी का दावा है कि उसके यूट्यूब किड्स ऐप में बच्चों के लिए साफ सुथरे, मनोरंजक व प्रेरणादायक वीडियो होंगे. मुफ्त डाउनलोड वाले इस ऐप के जरिए अभिभावक आवाज और टाइम लिमिट सेट कर सकेंगे. ऐप में साउंड टर्न ऑफ, सेंसर सर्च, लिमिटेड स्क्रीन टाइम और टाइमर लगा है.

निर्धारित समय पूरा होने के बाद ऐप डिवाइस को खुद ही बंद कर देगा. इस तरह बच्चे मां बाप से जिद भी नहीं कर पाएंगे. प्रोडक्ट मैनेजर बेन यायर के मुताबिक, "ऐप आपके बच्चे को बताएगा कि सेशन कब खत्म होने वाला है."

यूट्यूब 2005 में बाजार में आया. अगले ही साल इसे गूगल ने खरीद लिया. यूट्यूब दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म है. इसके यूजरों की संख्या एक अरब से ज्यादा है. माना जा रहा है कि इस ऐप के साथ यूट्यूब एक बड़े और लंबे समय तक बने रहने वाले बाजार का निर्माण कर रहा है.

ओेएसजे/आरआर (डीपीए)

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