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दुनिया

बच्चा तो पैदा करो, परवरिश हो जाएगी !

कहीं जनसंख्या घटाने के क़दम उठाए जा रहे हैं और लोगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है कि वे बच्चे पैदा न करें तो ताइवान में सरकार जन्मदर में कमी के रुझान पर काबू पाने के लिए बच्चों को पैदा करने को बढ़ावा देगी.

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ताइवान निम्नतर जन्मदर वाले देशों में शामिल है. जन्मदर बढ़ाने के लिए जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 5000 ताइवान डॉलर (160 अमेरिकी डॉलर) का मासिक भत्ता देना शामिल है. गृह मंत्रालय का कहना है कि इस पर हर साल 36 अरब ताइवान डॉलर खर्च होंगे.

बच्चों की परवरिश में मदद और इस तरह माता पिता को और बच्चे की चाहत आसान बनाने के लिए पश्चिमी देशों में भत्ता दिया जाता है. जर्मनी में पहले और दूसरे बच्चे के लिए हर महीने 164 यूरो का अनुदान मिलता है जबकि तीसरे बच्चे के लिए 170 और चौथे और उसके बाद के बच्चों के लिए 195 यूरो.

पिछले साल द्वीपीय देश ताइवान में प्रति हज़ार व्यक्ति जन्म दर 8.29 थी. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार विश्व स्तर पर जन्मदर का औसत 20 है. पिछले साल ताइवान में 1,91,310 बच्चे पैदा हुए थे जो एक साल पहले के मुक़ाबले 4 फ़ीसदी कम थे.

ताइवान के अधिकारी बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दे रही हैं. पिछले महीने एक ऑनलाइन स्लोगन प्रतियोगिता शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य हर किसी में बच्चे की चाहत पैदा करना है. इसके लिए दस लाख डॉलर का इनाम रखा गया था.

ताइवान के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, "मंत्रालय बच्चों की देखभाल में मदद करने वाले और ज़िंदगी में सुधार लाने वाले क़दमों के ज़रिए लोगों में बच्चों की इच्छा बढ़ाने की उम्मीद करती है."

दैनिक चाइना टाइम्स के अनुसार राजधानी ताइपेह में स्थित लाओ सोंग प्राथमिक स्कूल ने 1966 में 11 हज़ार बच्चों के साथ सर्वाधिक छात्रों वाला रिकॉर्ड बनाया था. इस समय वहां सिर्फ़ 778 बच्चे हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए कुमार

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