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दुनिया

बंधुआ मजदूरी कराती थीं जर्मन कंपनियां

जर्मनी की सबसे बड़ी कार कंपनी फोक्सवागन और प्रमुख सुपर मार्केट आल्डी पर बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप लगे हैं. एक अध्ययन में कहा गया कि जब जर्मनी बंटा था, इन्होंने पूर्वी हिस्से में जबरी श्रम का फायदा उठाया.

हालांकि दोनों कंपनियों ने कहा है कि उन्हें इसका पता नहीं था. पूर्वी जर्मन खुफिया सेवा स्टाजी के फाइलों का रिकॉर्ड रखने वाली सरकारी संस्था के रिसर्च में 1970 और 80 के दशक में पश्चिमी कंपनियों द्वारा कैदियों के काम के व्यापक इस्तेमाल का पता लगाया गया है. इससे जबरी काम के शिकारों को हर्जाना लेने में मदद मिल सकती है. 2012 में स्वीडन की फर्नीचर कंपनी आइकिया ने फर्नीचर बनाने में कैदियों से जबरन काम लेने पर माफी मांगी थी.

पश्चिमी देशों की सैकड़ों दूसरी कंपनियों की तरह फर्नीचर बनाने का ठेका पूर्वी जर्मनी की सरकारी कंपनियों को दे दिया था, जहां मजदूरी सस्ती थी. उनमें से कुछ कंपनियों ने कामगारों की कमी कैदियों से पूरी की. स्टाजी की फाइलों की देखभाल करने वाली संस्था की प्रवक्ता ने कहा, "अध्ययन में पाया गया कि आइकिया तो समस्या का सिर्फ छोटा हिस्सा था. कुछ कैदियों को उनकी इच्छा के बिना उनके स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने वाली परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया."

पूर्वी जर्मनी में 10 फीसदी कैदियों को राजनीतिक कारणों से जेल में रखे जाने का अनुमान है. नवंबर 1989 में बर्लिन दीवार गिरने के बाद पूर्वी जर्मनी का कम्युनिस्ट शासन चरमरा गया और एक साल बाद 1990 में पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी का विलय हो गया.

जर्मन टेलिवजन चैनल एआरडी ने कहा कि देश के प्रमुख रिटेलर आल्डी ने पूर्वी जर्मनी के मोजे बनाने वाली कंपनी से मोजे खरीदे जिसने इस काम में महिला कैदियों को लगाया था. इसके अलावा कार बनाने वाली कंपनी फोक्सवागन सरकारी कंपनी रुहला से फॉग लाइट, बैकलाइट और विंडस्क्रीन वाइपर जैसे यंत्र खरीदता था. पूर्वी जर्मन दस्तावेजों के अनुसार इन्हें बनाने के लिए कैदियों का इस्तेमाल किया जाता था.

आल्डी ने एक बयान में कहा, "यह सच है कि कारोबार के चलते हमारा सरकारी कंपनी एसदा थालहाइम के साथ व्यापारिक रिश्ता था. पिछले साल बवेरिया रेडियो के रिसर्च की वजह से हमें पता चला कि एसदा थालहाइम ने अपना कुछ प्रोडक्शन होहेनेक महिला जेल को दे दिया था." आल्डी ने कहा है कि कंपनी के एक कर्मचारी ने 1980 के मध्य में थालहाइम प्लांट का दौरा किया लेकिन इसके कोई संकेत नहीं दिखे कि वह अपने उत्पादन को आउटसोर्स कर रहा है. कंपनी ने कहा, "हम पूर्वी जर्मनी में कैदियों का बंधुआ मजदूर के रूप में इस्तेमाल करने की प्रथा की निंदा करते हैं."

फोक्सवागन ने भी कहा है कि उसे न तो तब और ना ही अभी पता था कि पूर्वी जर्मनी के किस हिस्से में कौन सा प्रोडक्ट का उत्पादन होता था और उसे पता नहीं कि इसमें कैदियों का इस्तेमाल हुआ है. कंपनी ने कहा है, "फोक्सवागन ने कभी पूर्वी जर्मन कंपनियों में कैदियों के इस्तेमाल की पहल नहीं की और ना ही उसका अनुमोदन किया, इससे लाभ पाने की तो बात ही नहीं है."

स्टाजी फाइलों की देखभाल करने वाली संस्था के प्रमुख रोलांड यान ने कहा है, "जिस किसी ने तानाशाही के साथ संबंध स्थापित किया और उसके साथ कारोबार किया वह सुनिश्चित नहीं हो सकता कि उत्पाद किस हालात में बनाए गए." उन्होंने कंपनियों से अपना आर्काइव खोलने और पूर्वी जर्मनी में जबरी मजदूरी पर रिसर्च के लिए धन देने की मांग  की है.

एमजे/एजेए (रॉयटर्स)

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