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दुनिया

बंगाल का ‘डेस्टिनेशन ईस्ट’ पर जोर

तमाम विवादों और घोटालों से जूझती ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल सरकार अब खासकर विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए ‘डेस्टिनेशन ईस्ट’ के तहत राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.

इस कार्यक्रम के तहत उसने व्यापारिक संगठन भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) से हाथ मिलाते हुए 25 विदेशी कंपनियों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर का न्योता दिया था. इस पहल के तहत अमेरिका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और दक्षिणपूर्व एशिया की दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा किया.

उनके इस दौरे के बाद कोलकाता में इस सप्ताह आयोजित दो दिवसीय पर्यटन सम्मेलन ‘डेस्टिनेशन ईस्ट' का आयोजन किया गया. राज्य के पर्यटन मंत्री ब्रात्य बसु कहते हैं, "विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हम प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होम स्टे शुरू करने की नीति पर काम कर रहे हैं." उनके मुताबिक, इस नीति की सबसे अहम बात यह है कि पर्यटकों के ठहरने पर लगने वाला लक्जरी टैक्स यानी विलासिता कर माफ कर दिया जाएगा.

बसु ने सम्मेलन में कहा, "पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर को तो बढ़ावा मिलेगा ही, रोजगार के अनगिनत मौके भी पैदा होंगे. " उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों से राज्य के पर्यटन स्थलों के बारे में विदेशों में प्रचार करने की अपील की ताकि ज्यादा से ज्यादा तादाद में विदेशी पर्यटक यहां आ सकें. बसु ने भरोसा दिया कि सरकार पर्यटकों की सहूलियत का हरसंभव इंतजाम करेगी. इस मौके पर पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव ए.आर. वर्द्धन ने कहा, "विदेशी पर्यटकों की खातिर होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए सरकार होम स्टे की सुविधा देने वाले मकान मालिकों को वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रही है. इससे उनको शौचालय और दूसरी आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. " उन्होंने कहा कि सरकार छह महीने के भीतर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक जाने वाली सड़कों पर 30-30 किलोमीटर के फासले पर मोटेल बनाएगी जहां पर्यटकों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी.

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में सहायता के लिए वैश्विक सलाहकार फर्म एचवीएस के साथ एक करार किया है. उन्होंने कहा कि कोलकाता को सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार की छवि चमकाने के लिए हाल ही में विज्ञापन फर्म ओ एंड एम के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इसके अलावा राज्य के ब्रांड अंबेसडर अभिनेता शाहरुख खान को लेकर टीवी पर एक नया विज्ञापन भी शुरू किया जाएगा ताकि लोग बंगाल के प्राकृतिक सौंदर्य की ओर खिंचे चले आएं.

‘डेस्टिनेशन ईस्ट' में शिरकत करने वाले विदेशी पर्यटन प्रतिनिधियों में श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड और इंग्लैंड के प्रतिनिधि भी शामिल थे. इन लोगों ने दार्जिलिंग और सुंदरबन के अलावा शांतिनिकेतन और बांकुड़ा का भी दौरा किया. ज्यादातर प्रतिनिधियों की राय थी कि दार्जिलिंग और सुंदरबन में विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने की भारी क्षमता है. जरूरत है इनके ठीक तरीके से प्रचार की. थाईलैंड के एस.एस.समूह के प्रतिनिधि एस. साचाफीमुख ने कहा, "दरअसल कोलकाता और बंगाल का विदेशों में ठीक से प्रचार नहीं हो सका है. दार्जिलिंग और कोलकाता में तो विदेशियों को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता है. "

विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि महानगर के पांचसितारा होटलों में उपलब्ध सुविधाओं से तो संतुष्ट नजर आए. लेकिन उनका कहना था कि महानगर के बाहर दूसरे इलाकों में होटलों और सड़कों समेत दूसरी आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाना जरूरी है. सीआईआई पूर्वी क्षेत्र की पर्यटन समिति के अध्यक्ष और एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल समूह के प्रबंध निदेशक विजय दीवान कहते हैं, "आधारभूत सुविधाओं की बेहतरी पर काम हो रहा है. हम चाहते हैं कि विदेशी पर्यटक कोलकाता से दो घंटे में सुंदरबन पहुंच जाएं." वह बताते हैं कि सड़कों को बेहतर बनाने पर भारी रकम और ऊर्जा खर्च की जा रही है.

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