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खेल

फ्लिंटॉफ ने क्रिकेट को अलविदा कहा

इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. चोटों से परेशान रहने वाले फ्लिंटॉफ ने गुरुवार को हर तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया. कहा, आगे क्या करना है, यह सोचूंगा.

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छह फुट चार इंच लंबे और मजबूत कद काठी के फ्लिंटॉफ ने कहा कि फिटनेस को लेकर डॉक्टर जवाब दे चुके हैं. लिहाजा अब क्रिकेट खेलना मुमकिन नहीं है. लंदन में उन्होंने कहा, ''मैंने बुधवार को अपने मेडिकल सलाहकारों से बातचीत के बाद ही संन्यास लेने का फैसला कर लिया था.''

इंग्लैंड की टीम जान रहे फ्लिंटॉफ पिछले दो साल से बेहद परेशान थे. चोटों की वजह से उन्हें बार बार टीम से बाहर रहना पड़ा और डॉक्टरों के यहां आना जाना लगा रहा. टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके फ्लिंटॉफ वनडे और टी-20 खेलते रहे. लेकिन संन्यास के ताजा एलान से तय हो गया है कि यह धाकड़ खिलाड़ी अब क्रिकेट के मैदान पर नहीं दिखेगा. आईपीएल में हो सकता है कि वह खेलें.

अपने 11 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 79 टेस्ट और 141 वनडे मैच खेले. मैदान पर वह हमेशा विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होते रहे. बल्लेबाजी या गेंदबाजी के जरिए उन्होंने इंग्लैंड की खूब मदद की. फील्डिंग के मामले में भी हमेशा चुस्त दुरुस्त दिखाई पड़ते थे. लेकिन खेल प्रेमियों को इस बात का अहसास बहुत देर में हुआ कि फ्लिंटॉफ के प्रदर्शन में उनकी कराह छुपी है. चोटों के बारे में फ्लिंटॉफ ने कहा, ''मुझे बताया गया कि जिन दिक्कतों से उबरने की कोशिश कर रहा हूं, वे दोबारा लौट रही हैं. सिलसिलेवार ढंग से कई ऑपरेशन करवाने के बाद भी समस्याएं अपनी जगह बनी हुई हैं.''

क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले फ्लिंटॉफ ने अगस्त 2009 में घुटने का ऑपरेशन करवाया. दूसरा ऑपरेशन उनका जनवरी में हुआ लेकिन आराम नहीं मिला. इलाज के चलते उनका एक पूरा क्रिकेट सत्र छूट गया. भविष्य को लेकर फ्लिंटॉफ खुद भी अनिश्चित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ''भविष्य के बारे में सोचने से पहले फिलहाल मैं एक ब्रेक ले रहा हूं.''

रिपोर्ट: एजेंसियां/ ओ सिंह

संपादन: ए कुमार

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