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खेल

फ्रेंच ओपन में पार्क की सैर

साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट की शुरुआत में जहां बड़े खिलाड़ी लगातार अभ्यास पर जोर दे रहे हैं, वहीं रूस की मारिया शारापोवा पास के पार्क में जाकर समय बिताना पसंद कर रही हैं.

पिछली चैंपियन शारापोवा का कहना है कि मैच से पहले अपने आप को जानना अच्छा लगता है, "मुझे याद है कि पिछले साल भी मैं बिलकुल उसी जगह बैठा करती थी. आप उन लम्हों को याद करते हैं. आप इस दौरान आए बदलावों के बारे में सोचते हैं. आप अपनी जिंदगी के बारे में सोचते हैं क्योंकि आखिरकार मैं तो वही काम कर रही हूं."

इतिहास की याद

रूस की तेज तर्रार खिलाड़ी का कहना है, "और मुझे इससे प्यार है और इससे मेरे चेहरे पर काफी खुशी आती है." शारापोवा ने करीब 10 साल पहले 2004 में अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था और वह उन गिनी चुनी खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं.

Tennis - French Open - Maria Scharapowa gewinnt in Runde drei FLASH-GALERIE

मारिया शारापोवा

हालांकि एक और खास बात यह है कि वह कोई भी खिताब दो बार नहीं जीत पाई हैं. उन्होंने 2004 में विम्बलडन, 2006 में अमेरिकी ओपन, 2008 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन और पिछले साल 2012 में फ्रेंच ओपन जीता. पिछले साल फ्रेंच ओपन के साथ ही उनके चारों खिताब पूरे हुए.

शारापोवा का कहना है, "उस जगह जाकर आपको अच्छा लगता है, जहां आप खुद को इतिहास का हिस्सा समझते हैं. ऐसी जगह जहां आपका नाम हमेशा कहीं न कहीं जिक्र किया जाएगा." शारापोवा ने इस साल के फ्रेंच ओपन में अपना पहला मैच आसानी से 6-2, 6-1 से जीत लिया.

एक और इतिहास

शारापोवा की ही तरह स्पेन के रफाएल नडाल भी इतिहास की दहलीज पर हैं. रिकॉर्ड सात बार फ्रेंच ओपन जीत चुके नडाल के लिए यह टूर्नामेंट है क्योंकि अगर वह आठवीं बार इसे जीतने में कामयाब होते हैं, तो पहले खिलाड़ी बन जाएंगे, जिसने कोई भी ग्रैंड स्लैम आठ बार जीता हो. नडाल भी उन गिने चुने खिलाड़ियों में हैं, जिनके नाम चारों ग्रैंड स्लैम है. रोलां गैरो पर सात खिताब के अलावा वह दो बार विम्बलडन और एक एक बार अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीत चुके हैं.

ATP Monte Carlo Rafael Nadal

रफाएल नडाल

हालांकि इस साल के पहले मैच में उन्हें थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन्होंने 59वीं वरीयता प्राप्त डेनियल ब्रांड्स को 4-6, 7-6, 6-4, 6-3 से हराया. नडाल का कहना है, "वह हर गेंद को जोर से मारने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने मुझे बहुत परेशान किया. मुझे इस बात को मानना होगा."

सोमदेव की विजय

इस बीच, भारत के सोमदेव देववर्मन भी फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं. उन्होंने स्पेन के डानियल मुनोज डे ला नोवा को सीधे सेटों में पराजित कर दिया. यह मैच जीतने में उन्हें करीब ढाई घंटे का वक्त लगा. और आखिर में स्कोर 6-3, 6-3, 7-5 रहा. हालांकि अगला मैच आसान नहीं होगा. भारत के 188वें नंबर के खिलाड़ी सोमदेव का मुकाबला स्विट्जरलैंड के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर से होगा.

एजेए/एमजे (पीटीआई, एपी, एएफपी)

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