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जर्मन चुनाव

फ्रांस में लाखों लोग सड़कों पर, तेल की किल्लत

फ्रांस में रियाटर्मेंट की उम्र बढ़ाने की सरकार की योजना के विरोध में लाखों लोग सड़कों पर उतरे. हड़ताल के कारण पेरिस के हवाई पर ईंधन की किल्लत हुई. रेल और रिफाइनरी हड़ताल के कारण देश भर में यातायात प्रभावित हुआ.

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मजदूर यूनियनें पूरी कोशिश कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरें ताकि सरकार को अपनी योजना पर दोबारा विचार करना पड़े. सभी बड़े शहरों में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा प्रदर्शन राजधानी पेरिस में हो रहा है. लगातार पांच दिन से चल रही हड़ताल के कारण जहां रेल यातायात में बाधा आ रही हैं, वहीं विमान भी सही वक्त पर नहीं उड़ान नहीं भर पा रहे हैं.

तेल शोधक संयंत्रों में कर्मचारियों के न होने की वजह से पेट्रोल स्टेशनों पर तेल की किल्लत हो गई है. पेरिस का मुख्य चार्ल्स दे गॉल हवाई अड्डा भी ईंधन की किल्लत से जूझ रहा है. वहां सिर्फ चंद दिनों की जरूरत के लिए ईंधन बचा है. देश के कई दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी कमोबेश यही स्थिति है. फ्रांस में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने के विरोध में ट्रक ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं.

Frankreich Streik Rente Flash-Galerie

उधर अर्थनीति मंत्री क्रिस्तिन लागार्द ने लोगों से अपील की कि तेल को लेकर अफरा तफरी न मचाएं. उनके मुताबिक देश के पास पर्याप्त तेल भंडार है. फ्रांस के आरटीएल रेडियो के साथ बातचीत में उन्होने कहा, "हमारे पास पर्याप्त तेल है. देश में 13 हजार पेट्रोल स्टेशनों में से सिर्फ 230 की आपूर्ति प्रभावित हुई है. लोगों को अफरा तफरी मचाने की जरूरत नहीं है."

राष्ट्रपति सारकोजी की सरकार ताकतवर मजदूर यूनियनों पर काबू करना चाहती है ताकि अपने पेंशन सुधारों को लागू कर सके. सरकार के मुताबिक हर साल पेंशन में जाने वाले 32 अरब यूरो की रकम को बचाने का यही तरीका है. 2020 में यह रकम बढ़कर 50 अरब यूरो हो जाएगी. लागार्द के मुताबिक रिटायर्मेंट की उम्र मे दो साल की वृद्धि पेंशन खर्च को बढ़ाने या फिलहाल फ्रांस में 1.5 करोड़ लोगों को मिल रही पेंशन सुविधाओं में कटौती करने से कहीं ज्यादा उचित फैसला है.

शनिवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों पर सरकार और मजदूर यूनियन, दोनों की नजरें हैं. यूनियनों का कहना है कि मंगलवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान 35 लाख लोग सड़कों पर उतरे. वहीं गृह मंत्रालय इस आंकड़े को 12 लाख के आसपास बताता है. सरकार की मुख्य चिंता वे युवा प्रदर्शनकारी हैं जो उग्र हो जाते हैं. शुक्रवार को लियोन शहर में भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आंसूगैस का इस्तेमाल करना पड़ा. देश भर में दर्जनों छात्रों को गिरफ्तार किया गया. वहीं झड़प में कई पुलिस अफसरों को भी चोटें आईं.

शनिवार को रेल सेवाओं में कमी कर दी गई तो शुक्रवार को रनवे कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आई बाधा के बाद शनिवार को पेरिस के ओर्ली हवाई अड्डे पर उड़ानों का आना जाना सामान्य हो गया. वैसे फ्रांस में अलोकप्रिय सरकारी प्रस्तावों को बाहर का रास्ता दिखाने की लंबी परंपरा रही है. लेकिन इस बीच कई सर्वेक्षणों के नतीजे बताते हैं कि लोग भी यह मानने लगे हैं कि दूसरे यूरोपीय देशों की तरह फ्रांस में भी रिटायर्मेंट की उम्र बढ़ा कर 62 साल करने से अब बचा नहीं जा सकता.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः ओ सिंह

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