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दुनिया

फ्रांस में प्रांतों के विलय से अरबों की बचत

फ्रांस 27 प्रशासनिक इलाकों में विभाजित है. केंद्रीकृत फ्रांस में ये इलाके प्रांत की तरह हैं. आर्थिक दिक्कतों और यूरोपीय साथियों से दबाव का सामना कर रहा फ्रांस अब सुधार कर इनकी संख्या आधी करने जा रहा है.

फ्रांस के प्रशासनिक इलाकों में आधी कमी से अगले साल के शुरू से ही भारी बचत हो सकेगी. फ्रांस के समाजवादी राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद देश के प्रशासनिक नक्शे में बदलाव के लिए जोर डाल रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकारी खर्च में अगले तीन साल में 10 अरब यूरो से ज्यादा की बचत होगी.

फ्रांस सालों से आर्थिक सुधार और सरकारी खर्च में कटौती की यूरोपीय संघ की मांग को नजरअंदाज कर रहा था. ग्रीस के बाद पुर्तगाल और स्पेन के वित्तीय संकटों से उबरता यूरोप इस समस्या का समाधान सरकारी खर्च पर लगाम कसने में देख रहा है. लेकिन सामाजिक असंतोष के डर से सरकारें कटौती में घबराती रही हैं.

स्थानीय और यूरोपीय चुनावों में प्रमुख पार्टियों की हार और उग्र दक्षिणपंथी पार्टियों की जीत के बाद फ्रांस पर 2015 तक बजट घाटा कम कर तीन प्रतिशत पर लाने का दबाव है. संरचनात्मक पुनर्गठन के बिना ऐसा संभव नहीं था. फ्रांस के वित्त मंत्री मिशेल सेपां ने कहा, "हम फ्रांस के प्रशासनिक नक्शे को बदल देंगे." उन्होंने कहा कि इस सुधार से सरकार को 2017 तक 50 अरब यूरो की बचत करने के वायदे पर विश्वसनीयता मिलेगी.

फ्रांस में कुल 27 प्रदेश हैं, जिनमें 22 एक साथ हैं. एक कोर्सिका द्वीप है और फ्रेंच गयाना जैसे चार प्रदेश दूर दराज के इलाकों में हैं. इन सुधारों का असर मुख्य भूमि के 22 प्रदेशों पर होगा. ये प्रदेश जर्मनी के लैंडर के नाम से जाने जाने वाले प्रदेशों से छोटे हैं और मुख्य रूप से सिर्फ स्कूल बनाने और ढांचागत संरचना बनाने का काम करते हैं. उनके बजट का एक हिस्सा केंद्र सरकार से और दूसरा हिस्सा खुद टैक्स लगाकर मिलता है.

इन प्रदेशों को घटा कर 14 करने का फायदा समय के साथ आएगा लेकिन सेपां ने कहा कि बचत की शुरुआत अगले साल से ही होने लगेगी क्योंकि इलाकों की खर्च करने की क्षमता कम हो जाएगी. उन्होंने 10 अरब यूरो की बचत होने की खबर की पुष्टि करने से मना कर दिया. इटली में प्रधानमंत्री मातेओ रेंसी ने इसी तरह का सुधार करने की पहल की है. फ्रांस सरकार की पहल का राजनीतिक विरोध होना तय है, लेकिन सरकार ने इस कदम को जनमत संग्रह के जरिए तय करने से इनकार किया है. नवंबर में संसद में बहस करा कर सुधारों को पास कराने की कोशिश होगी.

यूरोपीय संसद के चुनावों में सबसे ज्यादा वोट पाने वाली ईयू और प्रवासियों का विरोध करने वाली पार्टी की नेता मारी ले पेन ने सुधारों को देश की एकता और अक्षुण्णता के लिए खतरा बताया है. प्रदेशों के प्रमुख भी सुधारों का विरोध कर रहे हैं. दक्षिण पश्चिम के लांगुडॉक रूसिलां इलाके की समाजवादी प्रमुख ने कहा है कि वे दक्षिण के मिडी पायरेनीस के साथ विलय को स्वीकार नहीं करेंगी.

एमजे/एजेए (रॉयटर्स)

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