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ताना बाना

फ्रांस में नकाब पहनकर ड्राइविंग पर जुर्माना

फ्रांस में नकाब पहन कर गाड़ी चलाने पर एक मुसलिम महिला को जुर्माना चुकाना पडा है, जिस पर खासा विवाद हो रहा है. दरअसल राष्ट्रपति निकोला सार्कोजी की सरकार नकाब या पहचान छिपाने वाले कपड़ों पर पाबंदी लगाना चाहती है.

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22 यूरो का जुर्माना

31 साल की एक महिला ने पश्चिमी फ्रांस के शहर नांते में पुलिस पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. इस महिला के मुताबिक पुलिस ने उसे रोका और 22 यूरो का जुर्माना लगाया क्योंकि वह ड्राइविंग के वक्त चेहरे पर नकाब पहने हुए थी. यानी आंखों को छोड़कर उसका पूरा मुंह ढका हुआ था.

महिला के मुताबिक, "पुलिस अधिकारी ने मुझसे कहा, मुझे नहीं पता, आपके देश में कैसे करते हैं. लेकिन हमारे देश में इस तरह की ड्राइविंग को पसंद नहीं किया जाता. इतनी बात सुन कर मैंने कहा, आपका देश ही मेरा ही देश है. क्योंकि मैं भी फ्रेंच हूं."

इसके बाद महिला ने पुलिस अफसर को अपना पहचान पत्र दिखाया और नकाब भी हटाया ताकि उसके चेहरे की पहचान की जा सके. लेकिन पुलिस अधिकारी ने उस पर 22 यूरो यानी 1,300 रुपये का जुर्माना लगा दिया. इस महिला के वकील ज्यॉ माइकल पोलॉन ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के आधार पर जुर्माना सही नहीं था और यह महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन है.

वकील के मुताबिक, "मेरी मुव्वकिल जहां चाहे जा सकती है. ड्राइविंग के वक्त उसे देखने में भी कोई दिक्कत नहीं हो रही थी. बल्कि मोटरसाइकल पर हेलमेट पहनने से देखने में अड़चन आ सकती है."

मुसलिम महिलाओं का पहनावा बुधवार को उस वक्त फिर फ्रांस की राजनीति के केंद्र में आ गया जब राष्ट्रपति निकोला सार्कोजी की सरकार ने कहा कि वह सार्वजनिक स्थानों पर नकाब पहनने पर पाबंदी के लिए कदम उठाएगी. हालांकि सरकारी कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी कोई भी कोशिश असंवैधानिक होगी.

नकाब पर पाबंदी लगाने के लिए फ्रांस के संसद में मजबूत समर्थन पाया जाता है और सार्कोजी की सरकार इसे कानून का रूप देना चाहती है. फ्रांस में इस वक्त दो हजार मुसलिम महिलाएं हैं जो अपने चेहरों को नकाब से ढकती हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एस गौड़

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