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दुनिया

फ्रांस में कथित आतंकी ने की पुलिस अधिकारी की हत्या

इस्लामी संगठन से वफादारी का दावा करने वाले एक हमलावर ने फ्रांस में एक पुलिस अधिकारी और उसकी पार्टनर की हत्या कर दी है. राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने इसे आतंक की कार्रवाई बताया है और उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की है.

हत्यारे ने पुलिस अधिकारी की उसके घर के सामने छुरा मारकर हत्या कर दी और उसकी पार्टनर और उनके तीन साल के बच्चे को बंधक बना लिया. पुलिस ने पहले तो हत्यारे के साथ सौदेबाजी करने की कोशिश की लेकिन विफल होने के बाद विशेष पुलिस टुकड़ियों ने छापा मारा और हत्यारे को गोली मार दी. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता पियेर आँरी ब्रांडेट ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को बाद में महिला की लाश मिली. बच्चा सुरक्षित लेकिन सदमे में था. उसकी चिकित्सीय देखभाल की जा रही है. मारा गया पुलिस अधिकारी 42 साल का था. उसकी पार्टनर भी स्थानीय पुलिस में काम करती थी. उनकी पहचान जाहिर नहीं की गई है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्यारे ने हमले के समय अल्ला हो अकबर को नारे लगाए. जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि हमलावर का नाम लारोसी अबाला है और वह 25 साल का था. उसने अधिकारियों के साथ बातचीत में आईएस से वफादारी का दावा किया था. आतंकी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था साइट इंटेलिजेंस ग्रुप के अनुसार आईएस से जुड़े अमाक न्यूज एजेंसी ने अपने टेलिग्राम चैनल पर कहा, "इस्लामिक स्टेट के लड़ाके ने ले मुरौ शहर के पुलिस स्टेशन के उप प्रमुख और उसकी पत्नी को पेरिस के निकट ब्लेड वाले हथियारों से मारा."

अधिकारियों के अनुसार लारोसी अबाला को "आतंकी कार्रवाई की तैयारी के मकसद से आपराधिक सहयोग" के आरोप में 2013 में तीन साल की कैद की सजा दी गई थी जिसमें छह महीने निलंबित कैद की सजा थी. उसके अलावा सात दूसरे लोगों पर भी मुकदमा चला था.

राष्ट्रपति ओलांद ने मंगलवार को मामले पर विचार करने और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और कानून मंत्री के साथ मुलाकात की. पिछले नवंबर में पेरिस में हुए आतंकी हमलों में 130 लोग मारे गए थे. एक दिन पहले अमेरिका के ऑरलैंडो में आईएस से सबंधों का दावा करने वाले एक हत्यारे ने 49 लोगों की हत्या कर दी थी. इस समय फ्रांस में यूरो कप फुटबॉल प्रतियोगिताएं चल रही हैं और इंगलैंड, रूस तथा दूसरे देशों को हिंसक फैन्स की वजह से सुरक्षा की स्थिति नाजुक है. देश के ट्रेड यूनियन सरकार की आर्थिक सुधारों की नीति के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं.

एमजे/वीके (रॉयटर्स, एएफपी)

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