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दुनिया

फोर्ब्स की लिस्ट में भारत और चीन का दबदबा

फोर्ब्स की सालाना एशिया फैब 50 सूची में इस साल भारत और चीन का साफ दबदबा दिख रहा है. एशिया की टॉप 50 में से 32 कंपनियां भारत और चीन की हैं. दोनों देश सूची में 16 -16 कंपनियों के साथ एक दूसरे को भी टक्कर दे रहे हैं.

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गुरुवार को जारी की गई फोर्ब्स की सालाना एशिया फैब 50 सूची में चीन और भारत सबसे ऊपर हैं. 50 कंपनियों की इस सूची में 32 पायदानों पर भारत और चीन की कंपनियां विराजमान हैं. दोनों ही देशों की 16 कंपनियों को इसमें शामिल किया गया है. पिछले वर्ष भी चीन की 16 कंपनियों के नाम इस सूची में थे, जबकि भारत की 13 ही कंपनियां अपना स्थान बना पाई थीं. इस बार चीन का लेनोवो ग्रुप और मेंगनिऊ डेयरी भी इसमें शामिल हैं, जबकि भारत की इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और जेएसडब्ल्यू स्टील के नाम इस सूची में दर्ज हुए हैं.

इस सूची से भारतीय और चीनी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव की झलक दिखती है. 2005 में जब पहली सूची बनाई गई थी तब केवल पांच चीनी और तीन भारतीय कंपनियों के नाम इस सूची में अपनी जगह बना पाए थे. हांगकांग और ताइवान इस वर्ष तीसरे स्थान पर रहे. इन दोनों ही देशों की चार कंपनियां इस सूची में शामिल हैं. इस के बाद दक्षिण कोरिया की तीन और ऑस्ट्रेलिया और जापान की दो दो कंपनियों को इस में शामिल किया गया है. हैरानी की बात यह है कि 2005 में जब पहली सूची तयार की गई थी, तो जापान 13 कंपनियों के साथ नंबर एक के स्थान पर था. इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड इस साल केवल एक एक कंपनी के साथ ही अपनी जगह बना पाए हैं.

फोर्ब्स पत्रिका की इस सूची के संकलन के लिए 936 एशियाई कंपनियों को चुना गया था जिनकी सालाना आमदनी कम से कम 3 अरब डॉलर है. कंपनी का सालाना मुनाफा, शेयर की कीमतें और भविष्य की संभावनाओं इस रैंकिंग के मापदंड हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई तेल और दूरसंचार कंपनी इस सूची में अपनी जगह न बना पाई हो.

रिपोर्टः डीपीए/ईशा भाटिया

रिपोर्टः ए कुमार