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विज्ञान

फोन में कुछ छूट न जाए

स्मार्टफोन ने ग्राहकों की जिंदगी रोमांचक बना दी है और दुनिया छोटी कर दी है. लेकिन इसके कई खतरे भी हो सकते हैं. आखिर इसमें आपकी कई बड़ी निजी जानकारियां और तस्वीरें होती हैं.

आजकल के स्मार्टफोन बेहद स्मार्ट हैं. हम बैठे बैठे तस्वीरें, निजी संदेश या ईमेल एक दूसरे को दुनिया के किसी भी कोने में भेज सकते हैं. जाहिर है यह सिर्फ फोन नहीं रह जाता, बल्कि हमारी उन निजी जानकारियों का राजदार हो जाता है जिन्हें हम बाहरी लोगों के साथ बांटना पसंद नहीं करते. इसलिए जरूरी है कि नया फोन लेते समय जब अपना पुराना फोन बेचें, तो उसमें से अपनी निजी जानकारी मिटाना न भूलें.

खरीदार के हाथ आपकी जानकारी लगने से आपके लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. कई लोग फोन बेचते नहीं, बल्कि कूड़े में फेंक देते हैं. वहां से कूड़ा बीनने वाले आपके फोन से तमाम जानकारी हासिल कर सकते हैं.

कैसे मिटाएं जानकरी

सबसे पहले जरूरी है कि अपने पुराने फोन के सिम को निकाल कर नष्ट कर दें. ऐसा तभी करना चाहिए जब नए फोन में पुराना सिम कार्ड इस्तेमाल न होने जा रहा हो.

अगला कदम होना चाहिए फोन के मेमोरी कार्ड को निकालना. इसे भी कई बार लोग अपने नए फोन में इस्तेमाल कर लेते हैं. इस्तेमाल न करने की स्थिति में इन्हें भी नष्ट कर देना चाहिए.

कस्टमर सलाहकार कहते हैं कि अगर कार्ड फोन के नए मालिक के पास फोन के साथ जा रहा है, तो इनमें सुरक्षित डाटा को एक विशेष कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिए डिलीट करना चाहिए. इसके लिए या तो कार्ड को सीधा कंप्यूटर में बने कार्ड रीडर खांचे में डालकर या फिर फोन और कंप्यूटर को यूएसबी केबल से जोड़ कर सामग्री डिलीट करनी चाहिए.

इंटरनल मेमोरी को खाली करने के लिए यूएसबी केबल का इस्तेमाल होना बेहद अहम कदम है. हालांकि इन दिनों कई ऐसे ऐप भी हैं जो यह काम कर सकते हैं.

अंत में सबसे जरूरी कदम, फोन में मौजूद डाटा जिस भी माध्यम से डिलीट किया गया हो, जरूरी है कि अंत में फोन को फैक्टरी सेटिंग पर डाल दिया जाए.

इंफॉर्मेशन सेक्योरिटी के लिए जर्मनी का संघीय कार्यालय एक और तरीके की सलाह देता है, फ्रीवेयर एरेजर. इस सॉफ्टवेयर में राइट क्लिक के विकल्पों की मदद से डाटा डिलीट करना काफी आसान होता है.

एसएफ/आईबी (डीपीए)

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