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मंथन

फोन की लत छुड़ाने वाला ऐप

रात में आंख खुलने पर क्या आप भी अपने सिरहाने फोन ढूंढते हैं? दिनभर फोन पर मेसेज भेजने और पढ़ने और फेसबुक, ट्विटर और गेम्स में व्यस्त रहते हैं? स्मार्टफोन की लत से लड़ने के लिए जर्मन वैज्ञानिकों ने एक ऐप तैयार किया है.

इसके लिए उन्हें पहले इस लत की गंभीरता का पता लगाना था. परिणाम चौंकाने वाले थे. बॉन यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों द्वारा तैयार इस ऐप का नाम है मेंथाल. पिछले हफ्ते जर्मनी में ट्रेंड करने वाले ऐप में यह सबसे आगे रहा. देश भर में इस ऐप को लोग डाउनलोड कर रहे हैं. उत्पादकता की श्रेणी में ऐप ड्रॉपबॉक्स को पीछे छोड़ते हुए चौथे नंबर पर है.

ऐप को तैयार करने वाले कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर अलेक्जांडर मार्कोवेत्स ने बताया जैसे जैसे इसे डाउनलोड करने वालों की संख्या बढ़ी सर्वर बैठ गए. उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल धमाके जैसा था. हमारा ढांचा इतना मजबूत नहीं था, इस वजह से सर्वर बैठ गया. और अब कई दिनों बाद हम बेहतर हो गए हैं."

बढ़ती लोकप्रियता

अब तक लाख से ज्यादा लोग ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं. इसकी लोकप्रियता से रिसर्चर काफी खुश हैं. देश के मशहूर रिएलटी टीवी कार्यक्रम में भी पिछले हफ्ते इसका जिक्र किया गया. देर रात की खबरों में भी इसे डाउनलोड करने की बात कही गई. मार्कोवेत्स मानते हैं कि ऐप तो अच्छा है ही लेकिन इसकी लोकप्रियता के पीछे और भी दूसरी वजहें हैं.

मेंथाल की मदद से आप खुद अपने बारे में पता लगा सकते हैं कि आप लती हैं या नहीं. इसके जरिए आप यह पता लगा सकते हैं कि दिन में कितनी देर औसतन आप अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं.

Alexander Markowetz

कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर अलेक्जांडर मार्कोवेत्स

मार्कोवेत्स ने कहा, "हमारा यह वादा रहेगा कि अगर आप डिजिटल डाइट पर जाना चाहते हैं तो हम आपको पैमाने मुहैया कराएं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आप क्या कर रहे हैं और कितनी कितनी देर बाद अपना फोन चेक कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "हमने इसे अजीब बर्ताव का नाम दिया. हमारे पास इसके लिए कोई दूसरा बेहतर नाम भी नहीं था. हर समय फेसबुक, खबरें और वॉट्सऐप चेक करना या गेम खेलना."

मार्कोवेत्स कहते हैं आपका स्मार्टफोन एक छोटी मशीन की तरह है. एक छोटी सी प्रक्रिया से लीजिए फोन स्टार्ट हो गया. क्या इस बार कोई मेल आएगा? कोई नई खबर है क्या? क्या ईमेल में अच्छी बात होगी या क्या खबर अच्छी नहीं होगी? बस इन्हीं सब बातों के बीच फंसे हम बार बार अपना फोन चेक करते रहते हैं.

चौंकाने वाले परिणाम

मनोवैज्ञानिक क्रिस्टियान मोन्टाग ने बताया कि जब छह हफ्तों तक बॉन यूनिवर्सिटी के 50 छात्रों पर किए गए परीक्षण के परिणाम सामने आए तो रिसर्चरों को काफी हैरानी हुई. उन्होंने बताया, "दो बातें काफी चौंकाने वाली थीं. एक यह कि लोग अपना फोन दिन में करीब 80 बार एक्टिवेट करते हैं. यानि दिन भर या तो आप ऑनलाइन हैं या फिर ऑनलाइन होने के बारे में सोच रहे हैं. दूसरी चौंकाने वाली बात स्मार्टफोन का अहम फीचर है. फोन करना और मेसेज भेजना. दिन भर में इन दो का इस्तेमाल सबसे कम हुआ."

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फोन की लत जुए की लत जैसी ही

स्मार्टफोन के 15 फीसदी उपभोक्ता ज्यादातर समय वॉट्सऐप पर खर्च करते हैं. 13 फीसदी गेम खेलने और नौ फीसदी फेसबुक पर. इस्तेमाल करने वालों में पुरुष उपभोक्ता ज्यादातर गेम्स पर और महिलाएं जायदा समय सोशल नेटवर्किंग पर बिताती हैं.

फिलहाल मेंथाल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है. मार्कोवेत्स और उनके साथी एप्पल के आईओएस सॉफ्टवेयर पर भी इसे लाने की तैयारी में हैं.

रिपोर्ट: कोनर डिलन/ एसएफ

संपादन: महेश झा

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