फॉर्म नहीं दिखा पाई जर्मन टीम | खेल | DW | 02.06.2014
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खेल

फॉर्म नहीं दिखा पाई जर्मन टीम

फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए ब्राजील रवाना होने से पहले जर्मन टीम कैमरून के खिलाफ हुए मैच में वर्ल्ड कप का फॉर्म दिखाने में नाकाम रही. वर्ल्ड चैंपियन बनने की दावेदार टीम कैमरून के खिलाफ 2-2 से बराबर रही.

ट्रेनिंग कैंप के बाद पहले टेस्ट मैच में जर्मनी की राष्ट्रीय टीम को 2-2 के नतीजे से संतोष करना पड़ा. ब्राजील में विश्व कप के ग्रुप के स्तर पर पुर्तगाल के खिलाफ पहले मैच के दो हफ्ते पहले हुए मैच में ट्रेनर योआखिम लोएव की टीम ने ब्राजील में दिखाया जाने वाला अपना खेल तो दिखाया लेकिन बहुत सारी कमजोरियां भी उभर कर सामने आईं.

थोमस मुलर और आंद्रे शुर्ले के गोलों के बावजूद जर्मन टीम मोएंशनग्लाडबाख के स्टेडियम में 41,000 दर्शकों में वह जोश पैदा नहीं कर पाई जिसकी उम्मीद थी. कैमरून के खिलाड़ियों सैमुएल एतोओ और चूपो मोटिंग द्वारा किए गए गोलों के दौरान जर्मन सुरक्षा पंक्ति की कमजोरियां उभर कर सामने आईं.

मैच के बाद जर्मन ट्रेनर लोएव ने कहा, "कैमरून अच्छा विरोधी था, सचमुच का टेस्ट, उन्होंने शरीर का इस्तेमाल करते हुए खेला. हमारी ओर कुछ पलों में दिखा कि ताजगी की कमी थी, एकाग्रता की कमी थी. हमने बहुत से मौके गंवाए."

खिलाड़ी भी अपनी आलोचना में पीछे नहीं थे. कैमरून के बढ़त में जाने के बाद उस गोल को उतारने वाले थॉमस मुलर ने कहा, "हम हमें मिले मौकों से साथ उस तरह पेश नहीं आए जैसा हम चाहते हैं. हमें 16 जून तक पूरी तरह फिट होना होगा."

Fußball - Bundestrainer Joachim Löw

ट्रेनर लोएव

इस मैच के बाद साफ हो गया कि शुक्रवार को अर्मेनिया के खिलाफ होने वाले मैच से पहले लोएव को बहुत सारी कमियां दूर करनी हैं. उस समय तक चोट की वजह से नहीं खेल रहे कप्तान फिलिप लाम और गोलकीपर मानुएल नॉयर भी टीम में वापस लौट चुके होंगे. कैमरून के खिलाफ बास्टियान स्वाइनश्टाइगर और मार्सेल श्मेल्सर भी घुटने की समस्या के कारण खेल नहीं पाए.

ब्राजील जाने वाली अंतिम टीम की घोषणा से पहले ही कैमरून मैच के दौरान उनकी विश्व कप योजना की झलक देखी जा सकती थी. लेकिन टीम के खिलाड़ियों ने इस योजना पर मैच के दौरान सिर्फ कुछ हिस्सों में अमल किया. खासकर मिरोस्लाव क्लोजे की अनुपस्थिति में मेसुत ओएजिल और मारियो गोएत्से स्ट्राइकर की भूमिका में खरे नहीं उतरे.

थॉमस मुलर के स्ट्राइक पोजीशन में जाने के बाद खेल में आक्रामकता आई . पहले तो उन्होंने जेरोम बोआतेंग के पास पर गोल कर कैमरून की बढ़त को बराबर किया और उसके बाद स्कोर को 2-1 करने में मदद की. लुकास पोडोल्स्की और आंद्रे शुर्ले ने जर्मन खेल की झलकियां दिखाईं. वर्ल्ड कप में विपक्ष पर सीधा हमला उसकी रणनीति होगी. बाईं रक्षापंक्ति में डॉर्टमुंड के एरिक डुर्म ने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना पहला मैच खेला.

जेरोम बोआतेंग ने घायल कप्तान लाम के लिए दायें की रक्षा पंक्ति में उनकी जगह ली. वहीं छह महीने से ज्यादा घायल रहने के बाद मैदान पर वापस लौटे सेमी खेदिरा ने दिखाया कि वे शारीरिक रूप से बेहतर हैं और पूरी क्षमता के साथ खेलने की हालत में हैं.

एमजे/एजेए (डीपीए)

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