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खेल

फॉर्मूला वन मुखिया पर चलेगा मुकदमा

फॉर्मूला वन के मुखिया बर्नी एकलस्टन पर जर्मनी में भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलने जा रहा है. एकलस्टन ने इन आरोपों से इनकार किया है लेकिन फॉर्मूला वन के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है.

म्यूनिख स्टेट कोर्ट के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि वह फर्राटा रेस के प्रमुख और ब्रिटिश बिजनेसमैन बर्नी एकलस्टन पर भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा चलाने जा रहे हैं. 83 साल के एकलस्टन पर पिछली जुलाई में आरोप लगा कि उन्होंने मोटर रेसिंग बिजनेस के शेयर बेचने के लिए रिश्वत दी. फॉर्मूला वन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले एकलस्टन ने हमेशा की तरह ही फिर से अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.

म्यूनिख कोर्ट में चलेगा मुकदमा

आरोप यह भी है कि एकलस्टन ने बायर्न एलबी बैंक के पूर्व प्रमुख गेरहार्ड ग्रिब्कोव्स्की को 44 मिलियन डॉलर की रिश्वत दी, जिसके बाद बायर्न एलबी ने फॉर्मूला वन के 48 फीसदी स्टॉक सीवीसी नाम की कंपनी को बेच दी. बताया जाता है कि एकलस्टन इस कंपनी को नए शेयरधारक के तौर पर देखना चाहते थे. इस मामले में 2012 में ग्रिब्कोवस्की को साढ़े आठ साल जेल की सजा सुनाई गई. कोर्ट ने एकलस्टन को ग्रिब्कोव्स्की मामले में गवाही देने के कारण जवाबदेही से छूट दे दी थी. लेकिन म्यूनिख कोर्ट ने यह अधिकार सुरक्षित रखा था कि आगे चलकर अगर कोई सबूत सामने आए तो एकलस्टन के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है.

एकलस्टन ने पूरी दुनिया में फॉर्मूला वन की रेसों को मशहूर किया है और इसकी शुरुआत से लेकर ही वह इसके केंद्र में बने हुए हैं. वे इस उम्र में भी सभी जगह की रेसों में नजर आते हैं और साफ कर चुके हैं कि उनका रिटायरमेंट लेने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि फॉर्मूला वन के तंत्र में उनकी जगह लेने वाला कोई और दिखता भी नहीं है. एकलस्टन ने नवंबर 2011 में म्यूनिख की अदालत में बयान दिया था कि यह पैसा रिश्वत के तौर पर नहीं दिया गया था. सीवीसी के पास कभी फॉर्मूला वन के 63 फीसदी शेयर थे, जो उसने घटा कर अब करीब 35 फीसदी कर दिया है.

फार्मूला वन बोर्ड से इस्तीफा

एकलस्टन को जर्मनी के कानूनों के अनुसार उन पर लगाए गए आरोपों का सामना करने के लिए कोर्ट में उपस्थित होना होगा. अपने जर्मन वकीलों के हवाले से बृहस्पतिवार को एकलस्टन ने यह बयान जारी किया है कि "तथाकथित घूस की वह घटना कभी हुई ही नहीं." वकीलों ने बताया, "ग्रिब्कोव्स्की के बयान के आधार पर अभियोगपत्र में जो आरोप लगाए गए थे, उनमें कोई सच्चाई नहीं है."

बृहस्पतिवार को ही एकलस्टन ने फार्मूला वन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है. लेकिन कंपनी की रोजमर्रे की गतिविधियों के लिए अब भी वह ही जिम्मेदार होंगे. बोर्ड की होल्डिंग कंपनी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि एकलस्टन खुद को निर्दोष मानते हैं और इस मुकदमे में अपने खिलाफ लगे आरोपों का डटकर सामना करेंगे. विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि बोर्ड को "विश्वास है कि ऐसा करना फार्मूला वन कारोबार और खेल दोनों के हित में होगा कि थोड़ी बढ़ी हुई निगरानी और नियंत्रण में रह कर एकलस्टन काम की दैनिक जिम्मेदारियां निभाते रहें."

अगर एकलस्टन को इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है. मुकदमे की सुनवाई के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है. कोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई अप्रैल महीने के अंत तक शुरू हो सकती है.

आरआर/एमजे(एएफपी)

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