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खेल

फैसले की रेस और बेगाना मेजबान

भले ही अगले रेस में इस साल का फॉर्मूला वन चैंपियन नतीजा निकल आए लेकिन मेजबान अमेरिका को इस रेस में कम दिलचस्पी है. टेक्सास के ऑस्टिन शहर में इस बार रेस आयोजित हो रही है, जहां के लोगों को इसके बारे में बहुत पता नहीं.

जर्मन तकनीक की मदद से ऑस्टिन में 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से ट्रैक तैयार किया गया है. किसी हॉलीवुड फिल्म की तरह स्क्रिप्ट तैयार है कि अगर जर्मन ड्राइवर सेबास्टियान फेटल रेस जीत जाते हैं तो वह इस साल के चैंपियन बन जाएंगे और जीत की हैट ट्रिक भी लगा लेंगे लेकिन मेजबान देश के लोगों को इस रेस के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं और यह भी पक्का नहीं कि वे रेस देखेंगे भी या नहीं.

पांच साल के अंतर के बाद फॉर्मूला वन ने अमेरिका में दस्तक दी है. यहां होने वाली रेस के बाद सीजन में सिर्फ एक रेस बचेगी. अपने करियर की सौवीं रेस लगा रहे फेटल के पास मौका होगा कि वह अपने ही देश के मिषाएल शूमाखर और अर्जेंटीना के ख्वान मानुएल फानजियो की बराबरी कर लें. अब तक सिर्फ इन्हीं दोनों ड्राइवरों ने फॉर्मूला वन रेस लगातार तीन साल जीत कर हैट ट्रिक लगाई है.

इस महीने अबु धाबी में तीसरे नंबर पर रहने वाले और रेड बुल चलाने वाले फेटल का कहना है, "हमें लगता है कि हम इस पूरे साल तो सबसे तेज नहीं रहे लेकिन आखिरी दो रेसों में हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है." फॉर्मूला वन चाहने वालों के लिए भी यह रोमांच का पल है क्योंकि सिर्फ दो रेस रहते हुए भी चैंपियन का पता नहीं लग पा रहा है. हालांकि फेटल ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इस सीजन में उनके हिस्से में 255 अंक हैं और फरारी ड्राइवर ओलोंजो के पास 245. यानी 15 अंकों के अंतर से अगर वह रेस जीतते हैं तो वह इस साल के चैंपियन हो जाएंगे लेकिन अगर अंतर इससे कम होता है, तो फिर चैंपियन का फैसला ब्राजील में होने वाली आखिरी रेस में होगा.

हालांकि यह बात भी तय है कि स्पेन के ओलोंजो बिना संघर्ष के हार नहीं मानने वाले हैं. वह इस सीजन में तीन बार चैंपियन बन चुके हैं और वह हर हाल में कोशिश करेंगे कि रेस ब्राजील तक पहुंच जाए. उनका कहना है, "मुझे पक्का यकीन है कि हम रेस को आखिर तक ले जाएंगे."

लेकिन इन बातों से मेजबान शहर को ज्यादा वास्ता नहीं है. अमेरिका में फॉर्मूला वन रेस ज्यादा लोकप्रिय नहीं है. अमेरिकी फुटबॉल और बेसबॉल देखने वाले लोगों को फर्राटा रेसों के ड्राइवरों के बारे में भी ज्यादा नहीं मालूम. आखिरी बार 2007 में इंडियानापोलिस में फॉर्मूला वन रेस हुई थी. इस बार के रेस में कोई अमेरिकी ट्रैक पर नहीं होगा.

अमेरिका में बंद छत वाली नासकार रैली बेहद लोकप्रिय है. फ्लोरिडा में रविवार को ही नासकार की रेस होनी है और हो सकता है कि वहां भी विजेता घोषित हो जाए. ऐसे में अमेरिका में रहने वाले लोगों की नजर उसी रेस पर होगी. हो सकता है कि टेक्सास के लोग टेलीविजन भी उसी चैनल पर लगा दें.

अमेरिकी फुटबॉल की जहां तक बात है, शुक्रवार की रात बेहद अहम मैच होते हैं. यहां इतनी भीड़ जमा होती है कि इंग्लिश प्रीमियर लीग के मैचों को भी रंज हो जाए. ऐसे में फॉर्मूला वन के लिए समय निकालना जरा मुश्किल लगता है.

एजेए/ओएस (रॉयटर्स)

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