1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

फेसबुक प्रमुख ने बेटी पर लुटाई अपनी जमापूंजी

हर मां-बाप जन्म पर अपने बच्चे का स्वागत करते है. लेकिन स्वागत हो तो ऐसा जैसा फेसबुक सम्राट मार्क जकरबर्ग दंपत्ति ने किया. बेटी मैक्स के जन्म ने उन्हें ऐसा प्रभावित किया कि उन्होंने अपनी करीब सारी संपत्ति दान में दे दी.

लेकिन मार्क एकलव्य या कर्ण जैसे दानवीर भी नहीं हैं. उनका दान धीरे धीरे चरणों में होगा ताकि कंपनी को उथल पुथल में न उलझना पड़े. बेटी के पैदा होने के बाद मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिशिला चैन ने बेटी को लिखे एक पत्र में लिखा कि वे अपनी 45 अरब डॉलर की संपत्ति दुनिया की फौरी समस्याओं के निदान के लिए दान देना चाहते हैं. चैन-जकरबर्ग पहलकदमी का फोकस शिक्षा और बीमारियों का निदान और लक्ष्य लोगों को जोड़ना होगा.

मार्क जकरबर्ग फेसबुक के संस्थापक हैं और इस समय उनके पास दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन नेटवर्क के 42 करोड़ शेयर हैं. जकरबर्ग की इस चिट्ठी के बाद फेसबुक ने नियामक संस्था एसईसी को जानकारी दी है कि जकरबर्ग आने वाले तीन सालों में हर साल एक अरब डॉलर के शेयर बेचेंगे. कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किए जाने के बाद भी फेसबुक में जकरबर्ग के 15 प्रतिशत शेयर हैं. दूसरे शेयरधारियों से दसगुणा अधिक शेयर मतों के साथ फेसबुक पर जकरबर्ग का नियंत्रण बना रहेगा. वे आने वाले सालों में भी कंपनी में बहुमत बनाए रखेंगे.

बेटी को अपने पत्र के साथ मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी ने परिवार की पहली तस्वीर भी जारी की है. उन्होंने मैक्स को लिखा है, "सभी माता-पिता की तरह हम चाहते हैं कि तुम हमारी आज की दुनिया से बेहतर दुनिया में बड़ी हो." वे गरीबी और भूखमरी के खिलाफ लड़ना चाहते हैं. जकरबर्ग ने पिछले अगस्त में अपनी पत्नी के गर्भवती होने की खबर दी थी और साथ ही यह भी बताया था कि इससे पहले तीन बार उनका गर्भपात हो गया था.

माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक बिल गेट्स और निवेशक वॉरेन बफे जैसे कई अरबपतियों ने पिछले साल अपनी संपत्तियों को दान करने की घोषणा की थी. भारत के प्रेमजी भी बाद में इस आंदोलन में शामिल हो गए थे. जकरबर्ग और चैन भी उदारता से दान करते रहे हैं. अक्टूबर में उन्होंने कैलिफोर्निया में अपने घर के निकट गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूल खोला था. पिछड़ेपन के लिए ज्ञात मोहल्ले ईस्ट पालो अल्टो में इस स्कूल में 700 बच्चे मुफ्त पढ़ सकेंगे. इसके पहले दंपत्ति न्यू जर्सी के शिक्षा विभाग को 10 करोड़ डॉलर का दान दे चुका है लेकिन उसका अपेक्षित असर नहीं हुआ.

जकरबर्ग और चैन का परिचय 2003 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक पार्टी में हुआ था. उन्होंने 2012 में बिना किसी हंगामे के शादी की. जकरबर्ग दंपत्ति अपनी निजी जिंदगी की गोपनीयता पर बहुत ध्यान देता है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पालो अल्टो में अपने धर के आसपास की जमीन खरीद ली है क्योंकि एक एक एजेंट वहां की जमीन को फेसबुक संस्थापक के घर का हवाला देकर महंगे में बेचना चाहता था. दोनों सालों तक किराये के मकान में रहते थे.

एमजे/एसएफ (डीपीए)