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विज्ञान

फेसबुक पर बदलाव, यूजर्स को ख़तरा!

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले लोगों की निजी जानकारी के इस्तेमाल पर फिर विवाद खड़ा हो गया है. सुरक्षा सेटिंग में अगर नए बदलाव हुए तो यूजर्स की निजी जानकारी अन्य वेबसाइटों को मिल सकेगी.

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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अपनी सुरक्षा सेटिंग में नया बदलाव करना चाहती है जिसके कारण अब इसका इस्तेमाल करने वालों की निजी जानकारी किसी अन्य वेबसाईट को मिल सकेगी. यूरोपीय संघ ने इन सेटिंग्स को ग़ैरकानूनी बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है. यूरोप के डाटा सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, "ये बिलकुल स्वीकार नहीं किया जा सकता कि सोशल नेटवर्किंग साइट के यूज़र्स की सेटिंग में बदलाव ऐसे किया जाए जिससे नुक़सान यूज़र्स का हो."

यूरोपीय ग्रुप जो कि आर्टिकल 29 वर्किंग पार्टी के नाम से जाना जाता है उसने हाल में ब्रसेल्स में बैठक की और सुरक्षित नेटवर्किंग मूल्यों के बारे में बातचीत की. बातचीत में एक बार फिर इस पर ज़ोर दिया गया कि सोशल नेटवर्किंग साइट पर किसी भी व्यक्ति की जानकारी उसके प्रोफाइल में शामिल लोगों के लिए ही होनी चाहिए और यूज़र्स को ये अधिकार होना चाहिए कि वह अपनी जानकारी सबको देना चाहता है या नहीं.

21 अप्रैल को फेसबुक ने कई नए फीचर जोड़े जिसके अनुसार फेसबुक की सहयोगी वेबसाइट्स उसके यूज़र्स का डाटा इस्तमाल अपने आप इस्तेमाल कर सकेंगी इससे इंटरनेट पर फेसबुक का प्रभाव और बढ़ जाएगा.

Verbraucherzentralen mahnen Netzwerke ab

किसी तीसरी सहयोगी वेबसाइट पर जा सकती है निजी जानकारी

वैसे भी इंटरनेट अपराधियों के लिए फेसबुक एक खुला मैदान है जहां से वे आसानी से यूज़र्स की निजी जानकारी चुरा सकते हैं. इस कारण अकाउंट्स में, इंटरनेट में ख़तरनाक वायरस और स्पैम का ख़तरा बढ़ जाता है.

इनसे बचने के लिए फेसबुक नए सुरक्षा नियम भी लागू कर रहा है जैसे कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि किसी अकाउंट में हो रही है या किसी व्यक्ति ने दूसरे का अकाउंट हैक करने की कोशिश की, या अचानक एक दिन कोई भारत की जगह होनुलूलू से फेसबुक अकाउंट में लॉगइन करे तो उसे कई बार कोड वर्ड लिख कर या किसी और तरीके से सत्यापन करना होगा.

साथ ही सुरक्षा सेटिंग में एक विकल्प है कि आपने किस दिन किस जगह से फेसबुक अकाउंट में लॉग इन किया था ये भी पता लगाया जा सकता है. अगर कोई यूज़र इसे बंद करना चाहता है तो उसे अकाउंट सेटिंग में जाकर, अकाउंट सुरक्षा में चेंज के बटन को दबाना होगा.

लेकिन अक्सर फेसबुक इस्तमाल करने वाले नए लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती और वे सुरक्षा सेंटिंग में बदलाव करना भूल जाते हैं इस कारण उनकी निजी जानकारी तीसरे व्यक्ति के हाथ आसानी से लग सकती है. तो सिर्फ़ इतना ही कहा जा सकता है, ज़रा बचके.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा मोंढे

संपादनः एस गौड़

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