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खेल

फेटल के आगे मॉन्ट्रियल भी झुका

तीन नाकामियों के बाद रफ्तार के राजा ने मॉन्ट्रियल की ट्रैक को भी अपने पहियों का गुलाम बना ही लिया. कनाडा ग्रां प्री में इस बार सेबास्टियन फेटल का परचम लहराया.

लगातार तीन साल से फॉर्मूला वन चैंपियन सेबास्टियन फेटल के पास कनाडा की तीन नाकामियों पर अफसोस मनाने की कोई वजह नहीं थी. रविवार को ट्रैक पर उतरते वक्त जीत की इच्छा जरूर थी लेकिन बदहवासी नहीं. फेटल ने कहा, "मैं यहां जीतने के लिए परेशान नहीं था. हमने पहले अच्छे नतीजे दिए हैं और मुझे यहां आते वक्त इस बात की शर्मिंदगी नहीं थी मैं यहां नहीं जीता हूं. सुबह उठ कर जब मैंने सोचा कि मुझे जीतना है तब भी मैं हताश नहीं था."

मॉन्ट्रियल की ट्रैक पर तीन बार से फेटल रेस पोल पोजिशन से ही शुरू करते रहे और जीत इस रविवार को उनके हिस्से आई. रेडबुल के जर्मन ड्राइवर की गाड़ी शुरुआत में एक दीवार को हल्के से छूते हुए निकली और बाद में एक मोड़ पर भी दिक्कत हुई लेकिन तब भी वो दूसरे नंबर पर रहे फेरारी के फर्नांडो अलोंसो से 14.4 सेकेंड पहले रेस पूरी कर गए. इस जीत से मिले 25 अंकों ने उनकी बढ़त और मजबूत कर दी है. अलोंसो 18 अंक लेकर दूसरे नंबर पर तो आ गए लेकिन फेटल और उनके बीच फासला 36 अंको का है. फेटल ने कहा, "जाहिर है कि यह समझने के लिए बहुत बुद्धिमान होना जरूरी नहीं कि जीत से आपको दूसरों के मुकाबले सबसे ज्यादा अंक मिलते हैं...लेकिन चैम्पियनशिप अभी बहुत दूर है." फॉर्मूला वन कैलेंडर में अभी पांच महीने और 12 मुकाबले बाकी हैं.

दो साल पहले इस ट्रैक पर फेटल दूसरे नंबर पर रहे थे. तब बारिश के कारण उनकी गाड़ी फिसल गई थी और फिर जेन्सन बटन को विजेता बनने का मौका मिल गया था. इसके अलावा दो बार चौथे नंबर पर भी उन्होंने रेस खत्म की है लेकिन इस बार 70 में से 67 लैप में वही आगे रहे. रेस में अलोंसो 2012 के विजेता लुईस हैमिल्टन के पीछे थे लेकिन 62वें लैप में वो आगे निकल गए और दूसरे नंबर पर रह कर रेस खत्म की. फेटल के टीम साथी मार्क वेबर चौथे और मोनाको ग्रां प्री के विजेता निको रोजबर्ग ने पांचवें नंबर पर रहकर रेस पूरी की. रेस के बाद हैमिल्टन ने कहा, "अगर मैं दूसरे नंबर पर रह पाता तो जाहिर है कि अच्छा होता लेकिन फर्नांडो आज बहुत तेज थे और उन्हें पीछे रख पाना बहुत मुश्किल था. मैं अपनी पोजिशन दोबारा पाने के करीब पहुंचा लेकिन वो तेज बने रहे."

एनआर/एमजी(एपी)

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