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खेल

फेटल की रिकॉर्ड तोड़ जीत

अमेरिकी ग्रां प्री जीत के साथ वर्ल्ड चैंपियन सेबास्टियान फेटल ने एक और रिकॉर्ड ध्वस्त किया. फेटल फॉर्मूला वन के इतिहास में पहले ऐसे ड्राइवर बन गए हैं जिन्होंने एक सत्र में लगातार आठ रेसें जीती हैं.

26 साल के फेटल ने यूएस ग्रां प्री जीती और वो भी बड़ी स्टाइल से. रेड बुल टीम के जर्मन ड्राइवर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रोमां ग्रोजां से 6.2 सेकेंड आगे रहे. जीत के साथ ही उन्होंने जर्मनी के फॉर्मूला वन ड्राइवर मिषाएल शूमाखर और इटली के अल्बर्टो असकारी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. सात बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुके शूमाखर ने 2004 में लगातार सात रेसें जीती थीं. असकारी ने 1953-54 में यह रिकॉर्ड बनाया था.

टेक्सास प्रांत के ऑस्टिन में जीत की शैंपेन छलकाने के बाद फेटल ने कहा, "अद्भुत. ये ऐसा रिकॉर्ड था जो लगता था कि कभी नहीं टूटेगा."

यूएस ग्रां प्री के बारे में कहा जाता है कि जो ड्राइवर रेस की शुरुआत पोल पोजिशन यानी सबसे आगे से करता है, उसकी जीत की संभावना सबसे ज्यादा होती है. असल में ऑस्टिन के ट्रैक पर पहला ही टर्न एक अंधा बायां मोड़ है. सबसे आगे रहने वाले को सिर्फ मोड़ से निपटना होता है, जबकि बाकी ड्राइवरों को मोड़ और दर्जन भर गाड़ियों की भीड़ से जूझना होता है. फेटल के साथी और रेड बुल के ड्राइवर मार्क वेबर ने कहा, "शनिवार को ही फेटल की जीत का रास्ता आसान हो गया था."

Formel 1 Autorennen USA Austin Start

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लोटस के फ्रांसीसी ड्राइवर रोमां ग्रोजां दूसरे और मार्क वेबर तीसरे स्थान पर रहे. मर्सिडीज के लुईस हैमिल्टन और फरारी के फर्नांडो अलोंसो मुकाबले में कहीं दिखाई ही नहीं पड़े.

अब सीजन की आखिरी रेस ब्राजील में होनी है. अगर फेटल उस रेस को भी जीत लेते है तो उनके नाम कुछ और कीर्तिमान दर्ज हो जाएंगे. हालांकि ऐसा होने की संभावना कम है. फेटल के ऑस्ट्रेलियाई साथी मार्क वेबर ब्राजील की रेस के बाद फॉर्मूला वन को अलविदा कह रहे हैं. इस साल और बीते साल कुछ ऐसे मौके आए जब ट्रैक पर फेटल और वेबर के बीच तल्खी दिखी. ऐसे में मुमकिन है कि फेटल आखिरी मौके पर वेबर को पास देकर ब्राजील का चैंपियन बनाएं और अपनी तरफ से शानदार विदाई दें. हालांकि यह तभी मुमकिन है जब फेटल और वेबर ब्राजील में सबसे आगे रहें.

फॉर्मूला वन में 2014 के कई बदलाव होने वाले हैं. भारत में होने वाली इंडियन ग्रां प्री नहीं होगी. फिलहाल फॉर्मूला वन कार में भार सीमा 642 किलोग्राम है. 2014 में नए वी-6 इंजन की वजह से कारों की वेट लिमिट 690 किलोग्राम कर दी गई. लिहाजा ड्राइवर को अपना वजन कम करना होगा.

ओएसजे/एएम (एपी)

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