1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

फुटबॉल कर रहा है बीमार

चीन में इन दिनों मेडिकल सर्टिफिकेट बिक रहे हैं. लोग अपनी मनचाही बीमारी का सर्टिफिकेट ले रहे हैं, वह भी ऑनलाइन. इन लोगों का असल मर्ज है वर्ल्ड कप फुटबॉल.

चीन में इन दिनों मेडिकल सर्टिफिकेट बिक रहे हैं. लोग अपनी मनचाही बीमारी का सर्टिफिकेट ले रहे हैं, वह भी ऑनलाइन. इन लोगों का असल मर्ज है वर्ल्ड कप फुटबॉल.

चीन और ब्राजील में बारह घंटे का फर्क है. ऐसे में फुटबॉल वर्ल्ड कप के मैच लाइव देखना बड़ी समस्या है. लोगों को मैच देखने के लिए सारी सारी रात जगना पड़ता है. इस कारण वे अगले दिन दफ्तर भी नहीं जा पाते. लेकिन बॉस मैच देखने के लिए तो छुट्टी नहीं देगा. इसलिए लोगों ने अब बीमार पड़ना शुरू कर दिया है.

चीन के लोग ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफिकेट खरीद रहे हैं ताकि उन्हें दफ्तर में दिखा कर छुट्टी ले सकें. इंटरनेट में इस तरह के सर्टिफिकेट देने वाले कई डीलर मौजूद हैं. यानि लोगों को डॉक्टर के पास जाने या किसी तरह का बहाना बनाने की भी कोई जरूरत नहीं, बस घर बैठे कंप्यूटर पर ही सर्टिफिकेट ऑर्डर करना है.

सिक नोट्स सर्विस

चीन में इंटरनेट पर काफी पाबंदी है. इसलिए वहां गूगल, फेसबुक या ट्विटर का बोलबाला नहीं है, बल्कि इनसे मिलती जुलती चीनी वेबसाइटें हैं. समाचार एजेंसी एएफपी ने जब चीन के सर्च इंजन 'बाइदु' पर 'बीजिंग' और 'सिक नोट्स सर्विस' जैसे शब्द खोजे तो 49,500 नतीजे सामने आए.

इंटरनेट में मौजूद डीलर इस बात की गारंटी दे रहे हैं कि सर्टिफिकेट असली अस्पताल के ही हैं और उनपर असली डॉक्टरों के ही दस्तखत मौजूद हैं. इस तरह का सर्टिफिकेट बीस युआन यानि करीब 200 रुपये में खरीदा जा सकता है. सर्टिफिकेट कैसा होना चाहिए, इसके लिए वेबसाइटों पर पूरे के पूरे कैटलॉग मौजूद हैं.

ट्विटर जैसी दिखने वाली वेबसाइट सीना वाइबो पर लोग डीलरों से संपर्क कर सकते हैं. खेलों की शुरुआत होने से पहले ही एक डीलर ने लिखा, "वर्ल्ड कप आने वाला है और समय में अंतर के कारण चीन में फुटबॉल प्रेमियों को मैच देखने में दिक्कत हो सकती है. इसलिए लोगों की मांग को देखते हुए मैं सिक नोट्स सर्विस शुरू कर रहा हूं."

बीमारी की गारंटी

लोग अपनी मनचाही बीमारी चुन सकते हैं. खांसी, जुकाम और बुखार से लेकर गर्भपात और अस्थमा तक, हर तरह की बीमारी का सर्टिफिकेट मौजूद है. एक डीलर ने लिखा है, "मैं अपना बिजनेस पूरी ईमानदारी से करता हूं और मैं आपके ऑर्डर को राज ही रखूंगा." एक अन्य ने विश्वसनीयता का प्रमाण देते हुए लिखा है कि वह हर रोज करीब तीस सर्टिफिकेट बेचती है. लोगों को भरोसा दिलाने के लिए उसने अपने अकाउंट में रसीद की कॉपी भी लगा रखी है.

हालांकि इस तरह के जाली सर्टिफिकेट जमा करना अवैध है और पकड़े जाने पर लोगों की नौकरी भी जा सकती हैं. इस समस्या से निपटने के लिए कई कंपनियों ने दफ्तर का समय ही बदल दिया है. जर्मन कार कंपनी फोल्क्सवागेन के कर्मचारी रात भर मैच देखने के बाद सुबह आराम से अपनी नींद पूरी कर दोपहर दो बजे दफ्तर आ सकते हैं. साथ ही जर्मनी के हर गोल पर कर्मचारियों को 100 युआन का बोनस भी मिल रहा है.

आईबी/एमजे (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री